पडरौना तहसील प्रशासन की उपेक्षा से जनता त्रस्त, विश्व हिंदू महासंघ ने दी आंदोलन की चेतावनी।
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
1. “पडरौना तहसील में उपेक्षात्मक रवैये से जनता त्रस्त, 10 दिन में समाधान न हुआ तो सड़क पर उतरेगा विश्व हिंदू महासंघ”
2. “तहसील कर्मियों की लापरवाही पर “विश्व हिंदू महासंघ” का फूटा गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी”
3. “कुशीनगर प्रशासन को विश्व हिंदू महासंघ का अल्टीमेटम – 10 दिन में कार्रवाई वरना होगा विशाल विरोध प्रदर्शन”
4. “जनता की समस्याओं पर प्रशासन मौन क्यों? विश्व हिंदू महासंघ ने उठाई आवाज”
कुशीनगर, पडरौना 8 सितम्बर 2025
विश्व हिन्दू महासंघ जनपद कुशीनगर ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पड़रौना तहसील क्षेत्र की गंभीर समस्याओं पर आवाज बुलंद की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जनपद स्तर पर विशाल विरोध प्रदर्शन एवं सड़क जाम आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया है कि पड़रौना तहसील के माननीय तहसीलदार एवं अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा आम जनमानस की समस्याओं के समाधान में घोर लापरवाही बरती जा रही है। ग्रामीण लगातार अपनी समस्याओं को लेकर तहसील का चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन समाधान के बजाय उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ता है। इस कारण क्षेत्रीय जनता में गहरी नाराजगी व्याप्त है।

संगठन ने कहा कि अधिकारियों की उदासीनता व लापरवाही के चलते ग्रामीण अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। आम जनता की समस्याओं का समय पर निस्तारण न होने से असंतोष बढ़ रहा है, जो किसी भी समय उग्र रूप ले सकता है।
संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष जयसवाल ने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप करने और समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि 10 दिन में कार्यवाही नहीं हुई तो मजबूरन संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
ज्ञापन पर महेन्द्रनाथ पाण्डेय (महामंत्री), साजन गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष), मो. इस्माइल (जिला उपाध्यक्ष) सहित कई पदाधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
जनता की नाराजगी को देखते हुए अब प्रशासन पर यह बड़ा दबाव है कि वह तुरंत समस्याओं का समाधान कर आम लोगों को राहत पहुंचाए।
कुशीनगर जनपद की पडरौना तहसील इन दिनों भारी विवादों के घेरे में है। आम जनता का आरोप है कि तहसील प्रशासन की लापरवाही और उदासीन रवैये के कारण उनकी समस्याओं का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर तहसील पहुँचते हैं, लेकिन उन्हें समाधान के बजाय आश्वासन या फिर अनसुनी का सामना करना पड़ता है।
विश्व हिंदू महासंघ जनपद कुशीनगर ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि 10 दिनों के भीतर आम जनता की समस्याओं का निवारण नहीं हुआ, तो संगठन को बाध्य होकर सड़क पर उतरना पड़ेगा। संगठन ने कहा कि जनता की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
√ तहसील प्रशासन पर आरोप!
• तहसीलदार और अधीनस्थ कर्मचारी जनता की समस्याओं को हल करने में टालमटोल कर रहे हैं।
• ग्रामीणों को बार-बार चक्कर काटना पड़ता है, लेकिन नतीजा शून्य रहता है।
• जमीन से जुड़े विवादों और राजस्व संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया जा रहा।
• अधिकारियों के ढीले रवैये से जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
√ महासंघ का अल्टीमेटम!
संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल ने कहा –
“जनता को न्याय दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन तहसील प्रशासन की घोर लापरवाही ने आम आदमी को बेहाल कर दिया है। यदि 10 दिन में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
√ हस्ताक्षरित ज्ञापन!
ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल के अलावा संगठन के महामंत्री महेंद्रनाथ पांडेय, जिला उपाध्यक्ष साजन गुप्ता, मो. इस्माइल सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
√ जनता की पीड़ा, प्रशासन की खामोशी।
पडरौना तहसील का यह मामला इस बात को उजागर करता है कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास की खाई गहरी हो चुकी है। लोग अब संगठनों की शरण में अपनी आवाज उठा रहे हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है।
यह रिपोर्ट प्रशासन के लिए चेतावनी है कि वह तुरंत सक्रिय होकर जनता की समस्याओं का निस्तारण करे, अन्यथा आने वाले दिनों में पडरौना तहसील बड़ा आंदोलन का गवाह बन सकती है।