पड़रौना तहसील के बढ़ेया छापर/पड़री पिपरपाती निवासी संतोष गुप्ता न्याय के लिए दर दर भटकने को मजबूर।
धनंजय कुमार पाण्डेय, ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
✓ कुशीनगर में “जीरो टॉलरेंस नीति” को ठेंगा दिखाते जिले के जिम्मेदार, आखिर संतोष को कब मिलेगा न्याय?
✓ बढ़या छापर, पड़री पीपरपाती निवासी, संतोष गुप्ता, दो भाइयों के साथ पैतृक सम्पत्ति में हिस्सेदारी पाने के लिए विगत कई वर्षों से लड़ रहे लड़ाई, नहीं मिल रहा न्याय।
✓ संतोष को जिला प्रशासन से अब तक, उदासीनता के अलावा कुछ भी नहीं लग सका हाथ।
✓ संतोष गुप्ता ने कहा, एस डी एम पडरौना के द्वारा मुझे ही हवालात के अन्दर भेजने की दी जा रही धमकी।
कुशीनगर :- संतोष गुप्ता का कहना है कि, पडरौना नगर के छुछिया गेट और परसौनी कला में उनकी पैतृक मकान है, जो इनके चाचा के द्वारा अकेले कब्जा कर अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को एक लाख छिहत्तर हजार रुपए “मासिक भाडा” पर दिया गया है लेकिन उसमें से हम लोगों को आज तक एक पैसा भी नहीं मिला।
कुशीनगर जिले के पडरौना तहसील क्षेत्र अंतर्गत गांव बढ़या छापर/पड़री पिपरपाती निवासी संतोष गुप्ता और उनका परिवार अपने नाम से मौजूद नगर पडरौना के छुछिया गेट और परसौनी कला में मौजूद पारिवारिक पुस्तैनी ज़मीन/मकान पर हक और हिस्से के लिए दर दर भटक रहे हैं। संतोष का आरोप है कि, 30 जून 2025 दिन सोमवार को परसौनी कला स्थित “अल्ट्राटेक सीमेंट गोदाम” में उनके चाचा ने दरवाजे को अवैध रूप से तोड़फोड़ कर संतोष के परिवार के नामौजूदगी में प्रवेश कर गए! जब संतोष के भाईयों को इस बात की जानकारी हुई तो, जब ये लोग मौके पर पहुंचे तो संतोष का आरोप है कि मौके पर पहुंचे उनके भाईयों से उनके चाचा के साथ पहुंचे लोग उग्र हो गए, और मारपीट करने उतारू हो गए! संतोष का कहना है कि, बीते दिनों छूछिया गेट स्थित मकान पर भी यह लोग अवैध रूप से ताला तोड़ कर, घर में काबिज़ हो गए थे! बार बार हम लोगों द्वारा आपसी सुलह समझौते से मामले को निपटाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन हमारे चाचा जगदीश गुप्ता और उनके पुत्र अतुल हमारा हर जगह कागज़ी हिस्सेदारी होते हुए भी, जबरन बेदखल कर रहे हैं! और हमें हमारे नाम से दर्ज मकान में भी रहने नहीं दिया जा रहा है।
आपको बता दें कि इस मामले में संतोष गुप्ता के परिवार का कहना है कि, प्रताड़ना व न्याय न मिलने के आघात के कारण ही उनके पिता जी का देहांत हो गया, और अब हम तीनों भाई अपने हक हिस्से के लिए दर दर भटकने को मजबूर हो गए हैं। संतोष ने बताया कि जिलाधिकारी कुशीनगर ने मामले को निष्पक्ष रूप से निस्तारित करने का निर्देश एसडीएम पडरौना को दिया है, लेकिन इसके बावजूद भी एसडीएम पडरौना द्वारा एकतरफा कार्यवाही करते हुए हमारे साथ बार-बार न्याय करने के बजाए उल्टा हमें ही फटकार लगाया जा रहा है। कागज़ी बंटवारे में हर जगह हकदार होने के बावजूद भी संतोष गुप्ता के चाचा जगदीश गुप्ता द्वारा इनका हक नहीं दिया जा रहा है।
संतोष गुप्ता का कहना है कि, परसौनी कला में मौजूद जमीन को मेरे चाचा जगदीश गुप्ता द्वारा फर्जी तरीके से “एकल एग्रीमेंट अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी” से करके किराए पर दे दिया गया है। जिसमें हम लोग भी बराबर के हकदार हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि, सरकार जिस तरह अपने संपति को वापस लेकर न्याय को मजबूत कर रही हैं, वैसे ही वर्षों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हम पीड़ितों को न्याय देकर हमारे हक और अधिकार सुरक्षित करे! ताकि हम वर्षों से व्यवस्था पर अविश्वास की धारणा से उबर सकें और न्याय पर भरोसा कर सकें। उक्त के संबंध में संतोष गुप्ता ने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित परिवार का कहना था कि अगर हमें न्याय नहीं मिला तो न्याय में लेट लतीफी के कारण हमारे जीवन के समाप्त होने की संपूर्ण जिम्मेदारी, जिला शासन प्रशासन की होगी। पीड़ित परिवार ने थाने में तहरीर देते हुए अपने नाम से दर्ज हक और हिस्से को प्रशासन के सहयोग से काबिज़ होने की मांग की गई है।