कुशीनगर: रॉकेट्री एवं कैनसेट लॉन्च प्रतियोगिता से गूंज उठा रकबा जंगली पट्टी।

0
image_editor_output_image-1821223715-1761588729666.jpg
Spread the love

धनंजय कुमार पाण्डेय, व्युरो चीफ, उत्तर प्रदेश

∆ विज्ञान के चमत्कार ने जीता लोगों का दिल, युवा वैज्ञानिकों की चमकी प्रतिभा।

सेवरही, कुशीनगर। 27 अक्टूबर 2025
जनपद के सेवरही विकासखंड अंतर्गत ग्राम रकबा जंगली पट्टी स्थित जीरो बंधा क्षेत्र में सोमवार को विज्ञान प्रेमियों और ग्रामीणों के लिए रोमांच और उत्साह का केंद्र बन गया। आसमान में एक के बाद एक चार रॉकेटों के प्रक्षेपण से पूरा इलाका विज्ञान के चमत्कार से गूंज उठा। जैसे ही रॉकेट धधकते हुए ऊंचाई पर पहुंचे और पैराशूट के सहारे धीरे-धीरे धरती पर लौटे, वैसे ही दर्शकों की तालियों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा।

चार दिवसीय “रॉकेट्री एवं कैनसेट लॉन्च प्रतियोगिता” का शुभारंभ सोमवार सुबह 9 बजे इसरो (ISRO) और इन-स्पेस के निर्देशन में हुआ। उद्घाटन इसरो–इन-स्पेस के निदेशक डॉ. विनोद कुमार और वरिष्ठ वैज्ञानिकों की उपस्थिति में किया गया। तकनीकी कारणों से कुछ विलंब के बाद जैसे ही पहला रॉकेट आकाश की ओर उड़ा, उत्साह से उपस्थित सैकड़ों लोगों ने तालियों से स्वागत किया।

∆ चार रॉकेटों का सफल प्रक्षेपण!

√ पहले दिन चार कैनसेट रॉकेटों का सफल प्रक्षेपण किया गया।
• पहला कैनसेट लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा।
• दूसरा 600 मीटर, तीसरा 800 मीटर, और चौथा 900 मीटर तक गया।
चारों रॉकेटों का सुरक्षित अवतरण होते ही युवा वैज्ञानिकों के चेहरों पर खुशी झलक उठी। वैज्ञानिकों और आयोजकों ने एक-दूसरे को बधाई दी।

∆ देशभर से जुटे युवा वैज्ञानिक!
इस आयोजन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से छात्र वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। इनमें केरल से आए श्रीनाथन, मुरली, अश्विन, आदित्य, किरनाथना और वेंकटेश प्रमुख रूप से शामिल रहे। शेष छह रॉकेटों का प्रक्षेपण प्रतिभागी टीमों की तैयारी पूर्ण होते ही आगामी सत्र में किया जाएगा।

• भारत के इतिहास में एक नया अध्याय!

इसरो इन-स्पेस निदेशक डॉ.विनोद कुमार ने बताया कि —
“यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है जब एक साथ चार कैनसेट का सफल प्रक्षेपण किया गया। यह उपलब्धि हमारे युवा वैज्ञानिकों की लगन, अनुशासन और नवाचार क्षमता का प्रमाण है।”
उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ASI) द्वारा इसरो, इन-स्पेस और एनएसआईएल के सहयोग से आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना है।

सांसद बोले — पूर्वांचल के लिए गौरव की बात

कार्यक्रम में उपस्थित सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने युवा प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा —
“पूर्वांचल की धरती पर इस तरह की वैज्ञानिक उपलब्धि अत्यंत गर्व की बात है। आज के ये युवा ही भविष्य में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों की नई पहचान बनेंगे।”

∆ अधिकारी और ग्रामीण रहे उपस्थित!
इस अवसर पर उप-जिलाधिकारी तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा, क्षेत्राधिकारी राकेश प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष सेवरही धीरेंद्र राय, सांसद प्रतिनिधि धीरज त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
📍 मुख्य आकर्षण:

• देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा वैज्ञानिकों का समागम!
• एक साथ चार कैनसेट रॉकेटों का सफल परीक्षण!
• पूर्वांचल में पहली बार ऐसा आयोजन!
• इसरो और इन-स्पेस के वैज्ञानिकों की सक्रिय मौजूदगी!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed