पडरौना: स्व.श्रीमती लालमुनि देवी के ब्रह्मभोज में उमड़ा जनसैलाब, श्रद्धा सुमन अर्पित कर दी गई अंतिम विदाई।
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्युरो चीफ, उत्तर प्रदेश
🟢 माँ के स्नेह को नम आंखों से विदाई — स्व. श्रीमती लालमुनि देवी के ब्रह्मभोज में उमड़ा जनसैलाब!
🔵 संस्कार और सादगी की प्रतीक माँ को दी अंतिम श्रद्धांजलि, लोगों ने किया ईश्वर से आत्मा की शांति का आह्वान!
🟣 श्रद्धा और संवेदना का संगम बना पडरौना — जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन!
🟠 स्व.श्रीमती लालमुनि देवी के ब्रह्मभोज में छलकी भावनाएं, हजारों की संख्या में पहुंचे जन प्रतिनिधियों व समाज सेवियों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई!
🔴 माँ के जीवन मूल्यों को किया नमन — भंडारे में उमड़ी भीड़, गूंजी एक ही प्रार्थना: “ईश्वर आत्मा को शांति दे”

पडरौना (कुशीनगर)। 01 नवम्बर 2025
शनिवार, 1 नवम्बर 2025 को पडरौना नगर में एक भावनात्मक और श्रद्धा से परिपूर्ण वातावरण देखने को मिला। विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री राजन जायसवाल की पूज्य माता स्व. श्रीमती लालमुनि देवी के ब्रह्मभोज कार्यक्रम में प्रदेश के अनेक गणमान्यजन, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री आर. पी. एन. सिंह, विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति, पूर्व विधायक मदन गोविंद राव, समाजसेवी एवं भाजपा नेता पप्पू पाण्डेय, सदर विधायक प्रतिनिधि संतोष जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल ‘बुलबुल’, ब्लॉक प्रमुख विशुनपुरा विंध्यवासिनी श्रीवास्तव, विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल, तथा दुधनाथ वर्मा सहित जिले और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने स्व. श्रीमती लालमुनि देवी के जीवन मूल्यों, उनके संस्कारों और समाज के प्रति उनके योगदान को भावपूर्ण शब्दों में याद किया। उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री आर. पी. एन. सिंह ने कहा कि — “लालमुनि देवी जैसी माताएं समाज की शक्ति होती हैं, जिन्होंने अपने संस्कारों से समाज में सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश दिया।”
वहीं विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति ने कहा कि — “माता का जाना परिवार के साथ-साथ पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।”
कार्यक्रम में नगर व क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। श्रद्धांजलि के पश्चात भंडारा आयोजित किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पूरे आयोजन में भक्तिभाव, अनुशासन और संवेदना का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। स्व. श्रीमती लालमुनि देवी के प्रति लोगों की गहरी आस्था और सम्मान ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चे संस्कार और मानवीयता कभी नहीं मिटते — वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनकर जीवित रहते हैं।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को यह गहन दुख सहन करने की शक्ति दें।