पिपरा बाजार : एनएसएस विशेष शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों को मिला सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण का प्रशिक्षण!
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
∆ किसान इंटर कॉलेज पिपरा बाजार में एनएसएस सप्तदिवसीय विशेष शिविर का दूसरा दिन सम्पन्न!
∆ प्रधानाचार्य अश्विनी कुमार पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ!
∆ ‘मैं नहीं आप’ एनएसएस का मूल मंत्र – अश्विनी कुमार पांडेय
∆ महात्मा गांधी व स्वामी विवेकानंद के विचारों से अनुप्राणित है एनएसएस – डॉ. विष्णु प्रताप चौबे
∆ कार्यक्रम अधिकारियों ने शिविर की दैनिक कार्ययोजना व समाज सेवा के उपागमों से कराया परिचय!

कुशीनगर। 24 जनवरी 2026
किसान इंटर कॉलेज, पिपरा बाजार (कुशीनगर) में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्तदिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों को एनएसएस की स्थापना, उद्देश्य, कार्यपद्धति, रूपरेखा, आचार संहिता, ध्येय वाक्य एवं गीत के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान कर प्रशिक्षित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्रधानाचार्य अश्विनी कुमार पांडेय द्वारा मां शारदे एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पार्चन के साथ किया गया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज सेवा, सद्भावना एवं कर्त्तव्यपरायणता एनएसएस का प्रमुख लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि एनएसएस का आदर्श वाक्य ‘मैं नहीं आप’ स्वयंसेवकों में सेवा, त्याग और सहयोग की भावना को सदैव जागृत रखता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. विष्णु प्रताप चौबे ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का चिंतन महात्मा गांधी एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित है।
उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि यदि शिक्षित युवा वर्ग शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा करे, तो समाज में आपसी समझ, सहयोग और एकता का मजबूत बंधन विकसित होगा। छात्र जीवन न केवल बौद्धिक विकास का समय है, बल्कि भावी जीवन के निर्माण की आधारशिला भी है।
उन्होंने एनएसएस के ऐतिहासिक विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रथम शिक्षा आयोग, पंडित जवाहरलाल नेहरू के प्रयास, डॉ. बी.डी. देशमुख समिति, कोठारी आयोग सहित विभिन्न चरणों से गुजरते हुए 24 सितंबर 1969 को गांधी शताब्दी वर्ष में राष्ट्रीय सेवा योजना की औपचारिक शुरुआत हुई।
इसी क्रम में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण कुमार मिश्र एवं योगेन्द्र यादव ने स्वयंसेवकों को विशेष शिविर की दैनिक समय-सारणी, समाज सेवा और श्रमदान के विविध उपागमों से परिचित कराया।
गणित शिक्षक चंद्रभूषण पांडेय ने स्वयंसेवकों से स्वामी विवेकानंद एवं डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान आराधना चौरसिया, रिया शर्मा एवं साहिना खातून द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जबकि फिजा खातून एवं प्रज्ञा मिश्रा ने एनएसएस गीत से वातावरण को अनुशासित एवं प्रेरणादायी बना दिया।
इस अवसर पर शिवेंद्र कुमार चौबे, सतीश कुशवाहा, अरुंधति दुबे, रानी मिश्रा सहित एनएसएस की दोनों इकाइयों स्वामी विवेकानंद एवं महारानी दुर्गावती के सभी स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प के साथ किया गया।