कुशीनगर : केंद्रीय बजट से व्यापारियों को बड़ी राहत की उम्मीद, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने सरकार के सामने रखीं 8 अहम मांगें।
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
∆ डीजल–पेट्रोल को जीएसटी में लाने और जीएसटी प्रणाली सरल करने की उठी मांग!
∆ पुराने VAT मामलों के स्थायी समाधान व सस्ते लोन की जरूरत पर जोर!
∆ ई-कॉमर्स से फुटकर व्यापार की रक्षा और ट्रस्टबेस्ड कंप्लायंस लागू करने की अपील!
∆ व्यापारी परिवार को 10 लाख के स्वास्थ्य बीमा से जोड़ने की मांग!
पडरौना (कुशीनगर)।
केंद्रीय बजट को लेकर देशभर के व्यापारी वर्ग की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी क्रम में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार से बजट में व्यापारियों को राहत देने की पुरजोर मांग की है। संगठन का कहना है कि बीते कुछ वर्षों से व्यापारी समुदाय लगातार आर्थिक व मानसिक दबाव में चल रहा है, ऐसे में यह बजट उनके लिए संजीवनी साबित हो सकता है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री एवं कुशीनगर जिला अध्यक्ष सचिन चौरसिया ने कहा कि महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए डीजल और पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाया जाना आवश्यक है, जिससे परिवहन लागत कम होगी और आम जनता को भी राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने जीएसटी कर प्रणाली को सरल एवं व्यावहारिक बनाने की मांग की, ताकि छोटे व मध्यम व्यापारी बिना भय के कारोबार कर सकें।
उन्होंने बताया कि पुराने VAT के लंबित मामलों के कारण आज भी हजारों व्यापारी परेशान हैं, जिनका स्थायी समाधान समय की मांग है। इसके अलावा व्यापार को गति देने के लिए सस्ता, सरल और सुलभ लोन उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे छोटे व्यापारी भी आत्मनिर्भर बन सकें।
सचिन चौरसिया ने स्थानीय व्यापार के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों और फुटकर व्यापारियों के बीच डिजिटल संतुलन बनाया जाना जरूरी है, ताकि छोटे दुकानदारों का व्यापार प्रभावित न हो। साथ ही उन्होंने अनावश्यक निरीक्षण और छापेमारी पर रोक लगाने तथा ट्रस्टबेस्ड कंप्लायंस मॉडल लागू करने की मांग की।
व्यापारी वर्ग के सामाजिक सुरक्षा पहलू को उठाते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारी परिवारों को 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे आकस्मिक बीमारी की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
अंत में उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार बजट में इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और व्यापारी वर्ग को राहत देकर देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने का कार्य करेगी।