विशुनपुरा : नेहरू इंटर कॉलेज मंसाछापर में भावनात्मक मांगलिक प्रस्थान समारोह, प्रेरक संदेशों के बीच कक्षा 10 व 12 के विद्यार्थियों को दी गई विदाई।

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धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश

∆ कक्षा 9 व 11 के विद्यार्थियों ने सीनियर्स के लिए किया भव्य आयोजन!

∆ मनोज शर्मा की अध्यक्षता में प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ समारोह!

∆ पंकज दीक्षित ने लक्ष्य स्पष्ट रखने और संघर्ष से न घबराने का दिया संदेश!

∆ प्रधानाचार्य साधुशरण पांडेय बोले—“विद्यालय जीवन मूल्यों की पाठशाला”!

∆ भावुक माहौल में विद्यार्थियों ने गुरुजनों के प्रति जताई कृतज्ञता!

मंसाछापर, कुशीनगर। 11 फरवरी 2026
नेहरू इंटरमीडिएट कॉलेज मंसाछापर में कक्षा 9 एवं 11 के छात्र-छात्राओं द्वारा कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों के सम्मान में भव्य मांगलिक प्रस्थान (विदाई) समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भावनात्मक वातावरण, प्रेरणादायी उद्बोधनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से ओतप्रोत रहा। पूरे परिसर में उत्साह, उल्लास और आत्मीयता का वातावरण व्याप्त रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हनुमान इंटरमीडिएट कॉलेज पडरौना के प्रबंधक श्री मनोज शर्मा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात सामाजिक व्यक्तित्व स्वर्गीय सुरेन्द्र दीक्षित जी के सुपुत्र श्री पंकज दीक्षित उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अवकाश प्राप्त शिक्षक श्री मार्कण्डेय गौतम एवं श्री तरमपत कुमार चौबे ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। समारोह के मुख्य वक्ता एवं संरक्षक श्री शैलेन्द्र दत्त शुक्ल रहे।
प्रधानाचार्य श्री साधुशरण पांडेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का स्थान नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को आत्मसात करने की सशक्त पाठशाला है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने आचरण, परिश्रम और संस्कारों से विद्यालय का नाम रोशन करें तथा सदैव अनुशासन और नैतिकता का पालन करें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री मनोज शर्मा ने कहा कि जीवन की प्रत्येक विदाई एक नई शुरुआत का संकेत होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक सोच को सफलता की कुंजी बताते हुए जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।


मुख्य अतिथि श्री पंकज दीक्षित ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि स्पष्ट लक्ष्य और अटूट आत्मविश्वास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि संघर्ष ही व्यक्ति को परिपक्व और सफल बनाता है।
विशिष्ट अतिथि श्री मार्कण्डेय गौतम ने अपने शिक्षकीय अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, विनम्रता और सदाचार का संदेश दिया। वहीं श्री तरमपत कुमार चौबे ने कहा कि गुरुजनों का सम्मान और माता-पिता का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है, जिसे सदैव संजोकर रखना चाहिए।
मुख्य वक्ता श्री शैलेन्द्र दत्त शुक्ल ने कहा कि यह मांगलिक प्रस्थान मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व की नई यात्रा का शुभारंभ है। विद्यालय से प्राप्त संस्कार ही जीवन की दिशा और दशा निर्धारित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रवक्ता श्री संदीप सिंह, श्री अवधेश चंद्र तिवारी, श्री राकेश शुक्ल, श्री राजेश पांडेय, श्री विजय शंकर यादव, श्री राजू मिश्र, श्री सुनील पांडेय सहित समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन शिक्षक श्री जितेंद्र मणि ने किया।
समारोह के अंत में कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों ने अपने जूनियर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय और गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। भावनाओं से भरे इस समारोह का समापन हर्ष, उत्साह और आत्मीय विदाई के साथ हुआ।

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