बस्ती “विश्व हिंदू महासंघ” के जिलाध्यक्ष ने लगाया मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बेटियों को दिए जाने वाले घरेलू सामग्रियों में भ्रष्टाचार का आरोप। जिलाधिकारी ने नोटिस जारी कर मांगा साक्ष्य।

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ब्यूरो रिपोर्ट, आपकी आवाज़ न्यूज, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश की गरीब बेटियों के साथ ये कैसा मजाक? मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दिए नकली गहने और निम्न स्तर के मेकअप का सामान : अखिलेश सिंह

✓ हालाकि पूरे प्रकरण को समझने के उपरांत जिलाधिकारी बस्ती रबीश कुमार गुप्ता ने बस्ती “विश्व हिंदू महासंघ” के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह से नोटिस जारी कर साक्ष्य मांगा गया है।

बस्ती :- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गरीब कन्याओं की शादी करवाने के लिए “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना” कार्यक्रम चलाया जाता है! इस कार्यक्रम के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर कन्याओं की शादी करवाई जाती है, इस कार्यक्रम में सरकार द्वारा नव दंपत्तियों को गिफ्ट के तौर पर घरेलू उपयोग में आने वाले कई प्रकार के समान भी दिए जाते हैं, मगर कमीशनखोरी की इंतहा देखनी हो तो बस्ती में आयोजित मुख्यमंत्री शादी समारोह में जाइए, जहां गरीब बहनों को सरकार की तरफ से कराई जा रही शादी में ऐसा खेल रचा गया, जिसकी गूंज यकीनन बस्ती से लखनऊ तक जाएगी, सरकार गरीब बेटियों की शादी के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है मगर बड़े साहब कमीशन के चक्कर में बेटियों के हक पर भी डाका डालने में तनिक भी परहेज नहीं कर रहे।

✓ जिलाधिकारी रवीश कुमार गुप्ता से जब इस पूरे प्रकरण की शिकायत हुई तो उन्होंने कहा कि बेटियों को अगर घटिया गुणवत्ता का सामान दिया गया है तो उसकी जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी।

बस्ती में मंगलवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ जिसमें 543 गरीब बेटियों की शादी कराई गई, मगर आरोप है कि इस दौरान शादी में बुलाई गई बेटियों को उपहार के तौर पर नकली सामान बांट दिए गए, शादी के दौरान जब बेटियों को समाज कल्याण विभाग की तरफ से उपहार में दिए जाने वाले समान दिए गए तो दुल्हन और दूल्हे सहित उनके परिवार के लोगों के होश उड़ गए, नियम और मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए गरीब बेटियों की गरीबी का जमकर मजाक उड़ाया गया, आभूषण में नकली पायल, श्रृंगार में मिलने वाले सामनों में नकली कुकर, लिपस्टिक, शीशा, बर्तन सहित घटिया गुणवत्ता की साड़ी देकर समाज कल्याण अधिकारी और ठेकेदार ने मिलकर पूरे बजट का बंदरबांट कर लिया।

✓ उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया और गोंडा जैसे जनपदों में पिछले एक वर्ष में हुए “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना” की गहनता से जांच होनी चाहिए।

इस बात की खबर जैसे ही हिन्दू संगठनों को लगी तो वे मौके पर पहुंचे, विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष दल बल के साथ पहुंचे, जहां उन्होंने समाज कल्याण विभाग द्वारा दिए जा रहे उपहार की जब जांच की तो देखा करीब सभी समान नकली है यहां तक कि पायल भी नकली थमा दिया गया, इसके बाद हंगामा होने लगा और कई दुल्हनों ने इसका विरोध किया।
शासन के नियम मुताबिक, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में ऐसी बेटियों को चुना जाता है जो बेहद गरीब है और शादी का खर्च नहीं उठा सकेते हैं, सरकार की तरफ से उन्हें उपहार और 51 हजार जीवन यापन के लिए मिलते है, उपहार में ISI रजिस्टर्ड आभूषण, कुकर, श्रृंगार के समान, साड़ी जिसकी लंबाई 5 मीटर से कम न हो, सहित अन्य सामान दिए जाते हैं, मगर कमीशनखोरी के चक्कर में ठेकेदार और अधिकारी मिलकर सामनों की क्वालिटी कम कर देते है जिससे कमीशन का पैसा उनकी जेब में आ सके।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में की जा रही कमीशनखोरी से पर्दा उठाने वाले विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष और महामंत्री ने बताया कि गरीब बेटियों की गरीबी का मजाक बनाया जा रहा, सरकार की तरफ से उपहार में मिलने वाले सामानों में जमकर भ्रष्टाचार किया गया और उन्हें नकली सामान दिए जा रहे हैं। नव-दंपत्तियों ने मांग किया है कि, इस प्रकरण की जांच कराकर कमीशन खाने वाले समाज कल्याण अधिकारी और जिम्मेदार फर्म के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।
जिला अधिकारी रवीश कुमार गुप्ता से जब इस पूरे प्रकरण की शिकायत हुई तो उन्होंने कहा कि, बेटियों को अगर घटिया गुणवत्ता का सामान दिया गया है तो उसकी जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी, डीएम समाज कल्याण अधिकारी की इस कारगुज़ारी से नाराज नजर आए और तत्काल जांच कराकर कार्यवाही करने की बात कही।

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