कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, सीडीओ ने दी सख्त चेतावनी — अपंजीकृत अस्पतालों पर होगी कार्रवाई।

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धनंजय कुमार पाण्डेय, व्युरो चीफ, उत्तर प्रदेश

🔵 कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, सीडीओ ने की योजनाओं की समीक्षा!

🟣 जिले के 225 अपंजीकृत अस्पतालों को अंतिम नोटिस — संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई के निर्देश!

🟢 आशा कार्यकत्रियों के कार्य की मॉनिटरिंग अनिवार्य, निष्क्रिय आशाओं को कार्यमुक्त करने के निर्देश!

🟠 आयुष्मान गोल्डन कार्ड, संस्थागत प्रसव और नि:शुल्क भोजन योजना के प्रस्तावों को मिली मंजूरी!

🔴 सीडीओ गुंजन द्विवेदी बोलीं — स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक!

कुशीनगर। 27 अक्टूबर 2025
जिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी सुश्री गुंजन द्विवेदी ने की।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी अनेक योजनाओं जैसे संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों के टीकाकरण, आशा कार्यकत्रियों के भुगतान, मातृ एवं शिशु मृत्यु रिपोर्टिंग, जन्म पंजीकरण तथा मंत्रा पोर्टल पर डाटा फीडिंग की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

सीडीओ ने अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हुए बताया कि जिले में 225 अस्पताल ऐसे हैं जो अब तक पंजीकरण प्रक्रिया से बाहर हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी अस्पतालों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए तत्काल नोटिस जारी किया जाए। यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक के दौरान सीडीओ ने कहा कि आशा कार्यकत्रियों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और मूल्यांकन अनिवार्य रूप से किया जाए। जो आशा कार्यकत्रियां लंबे समय से निष्क्रिय हैं, उन्हें भी अंतिम नोटिस देकर कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आशाओं के भुगतान में अनावश्यक देरी न हो और सभी रिपोर्टें समय पर पोर्टल पर दर्ज की जाएं।

बैठक में आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड वितरण, संस्थागत प्रसव दर में सुधार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूताओं को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने के लिए एजेंसी चयन, तथा आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सीडीओ ने इन सभी प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर.के. शाही, विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीडीओ द्विवेदी ने अंत में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तभी संभव है जब योजनाओं की निगरानी सतत रूप से हो और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आगामी समीक्षा बैठक तक सभी लंबित कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई देनी चाहिए।

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