उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल मर्ज करने के विरोध में उ.प्र. प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश नेतृत्व में गोरखपुर में जिला बे.शि.अधिकारी कार्यालय पर विशाल धरना।
धनंजय कुमार पाण्डेय, ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
✓ उ.प्र.सरकार द्वारा स्कूल मर्ज के विरोध में उ.प्र. प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में गोरखपुर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर हुआ विशाल धरना प्रदर्शन।
✓ धरना प्रदर्शन में शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक एवं रसोईया स्कूल मर्ज करने के आदेश को वापस लेने की मांग का लगाते रहे नारा।
✓ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजेश धर दुबे भी रहे मौजूद।

गोरखपुर :- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल मर्ज करने के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन के क्रम में आज गोरखपुर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन 11:00 बजे से आयोजित हुआ।

जिसमें भारी संख्या में उपस्थित होकर शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक,रसोईया स्कूल मर्ज करने के आदेश को वापस लेने की मांग का नारा लगाते रहे। 01 बजते बजते सिटी मॉल रोड पूरी तरह से जाम की स्थिति में हो गया था, भीड़ को झेलने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय छोटा पड़ गया। अध्यापक उत्साह पूर्वक स्कूल मर्ज करने के विरोध में लगातार नारेबाजी करते रहे।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजेश धर दुबे ने कहा की सरकार जानबूझकर गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने के लिए इस कार्यों स्कूलों को मर्ज कर रही है, गरीबों के बच्चे या तो दूर जाकर शिक्षण कार्य नहीं करें या तो नजदीक के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में मजबूत होकर भारी फीस लेकर नामांकन कराने को मजबूर होंगे।

इस विशाल धरने को संबोधित करते हुए जिला मंत्री श्रीधर मिश्रा ने कहा कि इस धरने को माध्यमिक शिक्षक संघ, गुआक्टा, शिक्षामित्र संगठन, अनुदेशक संगठन, रसोईया संघ ने भी समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा की सरकार ने विद्यालय मर्ज करके RTE कानून का उल्लंघन किया है जिस कारण विद्यालयों के अभिभावक, आम जनता एवं शिक्षक सभी आंदोलित हैं। सरकार को शीघ्र ही अपना आदेश वापस ले लेना चाहिए, श्री मिश्रा ने कहा की प्रदेश सरकार के निर्देश पर वर्तमान में “स्कूल चलो अभियान” चलाया जा रहा है, जिससे सभी विद्यालयों में अति शीघ्र 50 से अधिक बच्चे नामांकित हो जायेंगे।
आज के विशाल धरने को संबोधित करते हुए गोरखपुर मंडल के मांडलिक संगठन मंत्री एवं जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र ओझा ने कहा की सरकार जानबूझकर गरीबों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास कर रही है। आज की शहरीकरण के दौर में और जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूकता होने से यदि किसी विद्यालय के सेवित गांव में केवल 10,20,30 बच्चे पढ़ने योग्य हों तो भारत का कौन सा संविधान उन बच्चों को भी अपने गांव में पढ़ने के अधिकार से वंचित नहीं करता है। श्री ओझा ने कहा कि जो सरकार आजादी के बाद से आज तक प्राथमिक विद्यालयों में अब तक कुर्सी बेंच नहीं उपलब्ध करा पाई है वह सरकार वाहनों से बच्चों को मर्जर विद्यालयों में पहुंचाने का यदि दावा करती है, तो वह निश्चित रूप से सिर्फ एक ढकोसला साबित होगा।
मुख्यमंत्री को सम्बोधित स्कूल मर्जर रोकने, हेडमास्टर को सरप्लस करने से रोकने, शिक्षकों के पदोन्नति करने, चिकित्सा सुविधा, ई यल अवकाश, पुरानी पेंशन सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन दिया गया।शिक्षकों को बी यल ओ बनाकर शिक्षण अलग करने से रोकने हेतु भी ज्ञापन दिया गया।
इस धरने को गुआक्टा के महामंत्री निरंकार राम त्रिपाठी, माध्यमिक शिक्षक संघ के मांडलिक मंत्री ज्ञानेश कुमार राय, पूर्व जिला अध्यक्ष दिग्विजय नाथ पांडेय, जिला मंत्री देवनाथ राय, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य श्रीकृष्ण सिंह, अरबिंद चौरसिया ने भी संबोधित किया। 11:00 से 2:00 बजे तक जिले के कोने-कोने से आए लगभग 7000 की संख्या में शिक्षक उत्साह पूर्वक नारेबाजी करते हुए पूरे समय तक धरने पर बैठे रहे। और सरकार से स्कूल मर्जर आदेश वापस करने और अपनी मांगों के समर्थन में लगातार नारा लगाते रहे।
इस धरने में सभी ब्लॉक अध्यक्ष, मंत्री, जिला पदाधिकारीयों ने भी वहां उपस्थित शिक्षकों को संबोधित किया।