कृषि विज्ञान केंद्र कुशीनगर में 25 दिवसीय कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण का समापन, 120 ग्रामीण युवाओं को मिला कौशल विकास का नया मार्ग।
रिपोर्ट – धनंजय कुमार पाण्डेय, कुशीनगर
∆ राज्य मंत्री राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में हुआ समापन समारोह!
∆ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र कुशीनगर में आयोजित हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम!
∆ धान, गेहूं, गन्ना, सरसों की उन्नत खेती, पशुपालन व नई कृषि तकनीकों की दी गई जानकारी।
∆ कार्यक्रम में 120 किसानों व ग्रामीण युवाओं ने लिया हिस्सा, वितरित किए गए प्रशिक्षण प्रमाणपत्र।
कुशीनगर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र कुशीनगर के प्रशिक्षण सभागार में ग्रामीण युवाओं के लिए आयोजित 25 दिवसीय कृषि उद्यमिता एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर किसानों और ग्रामीण युवाओं ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का लाइव प्रसारण भी देखा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के राज्य मंत्री राजेश्वर सिंह ने की। समारोह में उप कृषि निदेशक अतेंद्र सिंह तथा भूमि संरक्षण अधिकारी सुदीप पटेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि प्रसार पर उप मिशन के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं को कृषि क्षेत्र में उद्यमिता, आधुनिक तकनीकों और कौशल विकास से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को धान, गेहूं, गन्ना और सरसों जैसी प्रमुख फसलों की उन्नत खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों, पशुपालन, फसल कटाई उपरांत प्रबंधन और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. पुष्पेंद्र प्रताप सिंह के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ते हैं और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उप कृषि निदेशक अतेंद्र सिंह ने किसानों के पंजीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों और युवाओं को नई तकनीकों को अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
मुख्य अतिथि राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने किसानों के उत्थान में कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन कृषि विभाग कुशीनगर एवं कृषि विज्ञान केंद्र कुशीनगर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें कुल 120 किसानों एवं ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर वैज्ञानिक स्टाफ में कोर्स निदेशक डॉ. अरुण प्रताप सिंह, श्रुति वी. सिंह, ऋद्धि वर्मा, विशाल सिंह, कृपा शंकर चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।