बिजली कटौती पर सीएम योगी ने सुनाई खरी-खूंटी, बोले- बिजली की कमी नहीं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई।
ब्यूरो रिपोर्ट, आपकी आवाज़ न्यूज, उत्तर प्रदेश
✓ “बिजली विभाग की लापरवाही अब नहीं चलेगी” – सीएम योगी
अफसरों को दी चेतावनी: व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगी कड़ी कार्रवाई।
✓ “जनता को अंधेरे में रखना बर्दाश्त नहीं” – सीएम योगी का सख्त रुख।
अधिकारियों को दी समय सीमा, लापरवाही पर फौरन कार्रवाई करने के दिए निर्देश।
✓ सीएम योगी का पावर कॉरपोरेशन पर फटकार!
कहा: शिकायतों के बावजूद नहीं सुधरी आपूर्ति, अब जवाब देना होगा।
✓ “गर्मी में बिजली संकट शर्मनाक” – सीएम ने जताई नाराजगी!
अफसरों की बैठक में फटकार, कहा- जनता को राहत देना आप लोगों की पहली प्राथमिकता है।
✓ बिजली कटौती पर यूपी के मुख्यमंत्री का अल्टीमेटम!
24 घंटे बिजली का वादा बखूबी निभाना ही होगा, वरना कुर्सी जाएगी।
उत्तर प्रदेश :- प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर उपजे जनाक्रोश के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई और जमकर फटकार लगाई। सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “बिजली विभाग की लापरवाही अब नहीं चलेगी” और यदि स्थिति में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सीएम योगी ने कहा, “गर्मी के इस मौसम में जनता को बिजली संकट से जूझने के लिए मजबूर करना बेहद शर्मनाक है। विभागीय लापरवाही और अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कटौती की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान न होना यह दर्शाता है कि जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे। उन्होंने अधिकारियों से 7 दिन के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि “जनता को अंधेरे में रखना अब बर्दाश्त नहीं। जो अधिकारी काम नहीं करेगा, उसकी जगह दूसरा आएगा। जवाबदेही तय की जाएगी।”
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में प्रदेश के कई जिलों से बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई थीं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा था।
अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद बिजली व्यवस्था में कितना सुधार आता है।