पिपरा बाज़ार में चला बुलडोज़र, हटा अवैध कब्जा- महंत शत्रुधन दासजी का आमरण अनशन हुआ समाप्त।
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
√ 28 सितम्बर से जारी आमरण अनशन बुलडोज़र की गूंज के साथ समाप्त।
√ राम जानकी मंदिर पोखरे की भूमि से अवैध कब्जा पूरी तरह ध्वस्त।
√ विश्व हिन्दू महासंघ व जनता-जनार्दन की एकजुटता ने दिलाई जीत।
√ प्रशासन की सख्त कार्यवाही से महंत शत्रुधन दासजी को मिला न्याय।
√ पिपरा बाज़ार में आस्था की जीत, अन्याय पर चला बुलडोज़र।

कुशीनगर/पडरौना। 29 सितम्बर
पडरौना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पिपरा बाज़ार स्थित राम जानकी मंदिर के महंत श्री शत्रुधन दासजी महाराज के नेतृत्व में मंदिर पोखरे की जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटवाने के लिए चल रहा आमरण अनशन सोमवार को समाप्त हो गया। यह अनशन 28 सितम्बर 2025 से लगातार जारी था, जिसमें महंत सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, विश्व हिन्दू महासंघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
आज प्रशासन की सख्त कार्यवाही के बाद मंदिर पोखरे की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। बुलडोजर की गरज के साथ अतिक्रमण हटते ही अनशनरत महंत शत्रुधन दासजी महाराज ने अनशन समाप्त करने की घोषणा की।
√ अनशन स्थल पर उमड़ा जनसैलाब!

पूरे प्रकरण के दौरान क्षेत्र की जनता का भारी समर्थन देखने को मिला। अनशन स्थल पर दिन-रात बड़ी संख्या में लोग जुटकर महंत को समर्थन दे रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
√ विश्व हिन्दू महासंघ ने दिखाई सक्रिय भूमिका!
इस आंदोलन में विश्व हिन्दू महासंघ के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अग्रणी भूमिका निभाई। संगठन ने न केवल महंत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया बल्कि प्रशासन तक मामले को पहुंचाने और समाधान कराने में भी अहम योगदान दिया।
√ प्रशासन की त्वरित कार्रवाई!

लगातार बढ़ते जनदबाव और धार्मिक आस्था से जुड़े इस मुद्दे को देखते हुए प्रशासन ने कठोर कदम उठाए और बुलडोजर चलवाकर कब्जा हटवाया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली और महंत श्री शत्रुधन दासजी महाराज का आभार व्यक्त किया।
√ महंत का धन्यवाद ज्ञापन!

अनशन समाप्त करते हुए महंत शत्रुधन दासजी महाराज ने कहा
“यह विजय केवल मेरी नहीं बल्कि जनता-जनार्दन और धर्म के शक्ति की विजय है। मैं सभी देव तुल्य जनता, विश्व हिन्दू महासंघ और प्रशासन का आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने मंदिर की भूमि को कब्जा मुक्त कराने में सहयोग दिया।”
√ क्षेत्र में खुशी की लहर!
अतिक्रमण हटने की खबर फैलते ही पूरे पिपरा बाज़ार क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने इसे आस्था की जीत और अन्याय पर न्याय की विजय बताया।
यह प्रकरण न केवल मंदिर की भूमि की रक्षा का प्रतीक बना बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि जब जनता एकजुट होकर खड़ी होती है तो किसी भी तरह का अवैध कब्जा ज्यादा दिन टिक नहीं सकता।