कुशीनगर: तमकुहीराज तहसील में राजस्व अभिलेखों से खिलवाड़ का बड़ा खुलासा, मालिकान रजिस्टर में कूटरचित नामांतरण पकड़ा

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धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश

∆ तमकुहीराज तहसील में प्रदेश सरकार के “जीरो टॉलरेंस नीति” की खुलकर उड़ी धज्जियां, फर्जी तरीके से 11 नामांतरण!

∆ तमकुहीराज तहसील में मालिकान रजिस्टर में छेड़छाड़—राजस्व व्यवस्था की साख पर बड़ा सवाल!

∆ एक पन्ना अलग से जोड़कर 11 नामांतरण! क्या बिना मिलीभगत संभव है?

∆ तहसील कार्यालय में चल रहा था फर्जीवाड़े का बड़ा खेल—अब जांच की बारी!

∆ एसडीएम सख्त, एक सप्ताह में मांगी जाँच रिपोर्ट—कई अफसरों पर गिर सकती है गाज!

कुशीनगर। 19 जनवरी 2026
तमकुहीराज तहसील में राजस्व अभिलेखों से छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी (एसडीएम) आकांक्षा मिश्रा ने राजस्व निरीक्षक कार्यालय में रखे मालिकान रजिस्टर में बड़ी अनियमितता पकड़ी।
निरीक्षण के दौरान तप्पा रापमुर ढाव के मालिकान रजिस्टर के पृष्ठ संख्या 137 पर अलग से एक पन्ना जोड़ा गया पाया गया, जिसमें 11 नामांतरण आदेश कूटरचित तरीके से दर्ज किए गए थे। यह मामला सामने आते ही तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए नायब तहसीलदार कुन्दन वर्मा को निर्देशित किया है कि तहसील क्षेत्र के सभी मालिकान रजिस्टरों का गहन एवं सूक्ष्म निरीक्षण किया जाए। साथ ही यह भी आदेश दिया गया है कि यदि किसी भी अभिलेख में त्रुटि, छेड़छाड़ अथवा अनियमितता पाई जाती है तो उसकी स्पष्ट सूची तैयार कर अभिलेखों को नियमानुसार दुरुस्त कराया जाए।
एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट स्वयं प्रमाणित करते हुए प्रस्तुत की जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस फर्जीवाड़े में किन-किन की भूमिका रही है।
सूत्रों की मानें तो इस खुलासे के बाद तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल है और कई कर्मचारियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई भी हो सकती है।
राजस्व अभिलेखों से छेड़छाड़ सीधे तौर पर भूमि स्वामित्व और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर अपराध है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि जांच के बाद दोषियों पर किस स्तर की कार्रवाई होती है और तहसील प्रशासन इस तरह की अनियमितताओं पर कैसे अंकुश लगाता है।

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