गोरखपुर/सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में, पिपराइच विधायक के भाई भोलेन्द्र पाल सिंह हुए गिरफ्तार।
डेस्क, आपकी आवाज़ न्यूज़, उत्तर प्रदेश
1. पिपराइच विधायक के भाई भोलेन्द्र पाल सिंह को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
2. सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई।
3. मामले ने गरमाई स्थानीय राजनीति में हलचल, राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चाएँ।
4. कानून-व्यवस्था पर सरकार की सख्ती का दिख रहा जबरदस्त असर।
5. विधायक के परिवार पर लग रहे आरोपों से राजनीतिक क्षेत्र में बढ़ा हलचल।
गोरखपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन में, क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा के पर्यवेक्षण में व थानाध्यक्ष पिपराईच के नेतृत्व में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में अभियुक्त भोलेन्द्र पाल सिंह को गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त भोलेन्द्र पाल सिंह के ईंट भट्ठे पर रेड के दौरान भारी मात्रा में अपमिश्रित शराब मिला जिसकी वीडियोग्राफी कर बरामद करते हुए, थाना स्थानीय पर अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
अभियुक्त के मोबाइल फोन के डाटा व अन्य माध्यमों से इनके साथियों की जानकारी की जा रही है।
पिपराइच विधायक के भाई भोलेन्द्र पाल सिंह गिरफ्तार, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर। पिपराइच विधानसभा क्षेत्र की राजनीति उस समय गरमा गई जब पुलिस ने विधायक के भाई भोलेन्द्र पाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने कुछ ऐसे बयान और गतिविधियाँ कीं, जिनसे क्षेत्र का सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि भोलेन्द्र पाल सिंह द्वारा की जा रही बयानबाज़ी और गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बन रही है। इसी आधार पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया।
गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही पिपराइच समेत आसपास के इलाकों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए तो वहीं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।”
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच चल रही है और यदि आरोप पुख्ता पाए गए तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं विधायक के परिवार की ओर से इसे साजिश करार दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर जोर देते रहे हैं। भोलेन्द्र पाल सिंह की गिरफ्तारी इसी नीति की कड़ी मानी जा रही है।
कुल मिलाकर यह घटना न केवल क्षेत्रीय राजनीति बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी बड़ा संदेश देती है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ अब कोई रियायत नहीं दी जाएगी।