विशुनपुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बलकुडिया ग्राम प्रधान की दबंगई, बिना परमिशन के ही कटवादी सिंचाई विभाग की लकड़ी।
धनंजय कुमार पाण्डेय, ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
✓ ना विभागीय परमिशन और ना ही कोई सूचना, प्रधानी के धौंस में कटवा दिया सिंचाई विभाग पेड़।
✓ कुशीनगर के बलकुडिया बाज़ार स्थित किसान इण्टर कॉलेज के पीछे से निकली नहर पर स्थित था पेड़।
✓ सरकारी नियमों और विभागीय परमिशन को ताक पर रख कर ग्राम प्रधान ने कटवाया सिंचाई विभाग का पेड़।
✓ योगी सरकार के “जीरो टॉलरेंस नीति” और नियमों कानूनों की जम कर उड़ाई जा रही धज्जियां।
कुशीनगर :- सूबे की योगी सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने की लाख कोशिशें करले या “जीरो टॉलरेंस नीति” के लाख दावे कर ले लेकिन कुशीनगर में इन सबका असर बे-असर होते दिख रहा है। जिले में सरकारी नियम और कानून सिर्फ सज्जन व्यक्तियों को डराने और धमकाने के ही काम आता है, दबंगों के लिए नियम और कानून कोई मायने नहीं रखते।
✓ जानें क्या है पूरा मामला?
दर-असल मामला कुशीनगर जिले में विशुनपुरा ब्लॉक अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बलकुडिया बाज़ार का है, जहां बीते डेढ़/दो माह पूर्व में आए तेज आंधी और तूफान में सिंचाई विभाग का एक भारी भरकम पेड़ गिर जाता है। महीनों से गिरे इस पेड़ को ग्राम प्रधान विनोद गुप्ता के द्वारा चोरी छुपे शाम छः बजे के बाद बिना किसी विभागीय परमिशन और आदेश के ही पेड़ को कटवा लिया जाता है, और कटी हुई लकड़ी को उस स्थान से उठाकर अन्यत्र रखे जाने की फिराक में लग जाते हैं, लेकिन इसकी सूचना वन विभाग को लग जाती है और लकड़ी लेकर जाते समय रास्ते में ही वन विभाग के कर्मचारी द्वारा रोक दिया जाता है।
विभागीय कर्मचारी के द्वारा लकड़ी रोके जाने पर प्रधान और उनके लोगों द्वारा लकड़ी तो गिरा दी जाती है लेकिन, जिस गाड़ी पर लकड़ी लदी होती है वो गाड़ी अपने दबंगई के बल पर वहां से हटा दिया जाता है।
✓ क्या कहते हैं रेंजर पडरौना?
टेलीफोनिक वार्ता के दौरान रेंजर पडरौना के द्वारा बताया गया कि, मौके पर पहुंच कर लकड़ी जप्त कर ली गई है और आगे की कारवाई की जाएगी।
✓ क्या कहते हैं डिप्टी रेंजर पडरौना?
वार्ता के दौरान डिप्टी रेंजर ने बताया कि लकड़ी उठकर रेंज कार्यालय आ रही है, अभी आने पे पांच बजे हम लोग ड्यूटी से निकल गए हैं कल आकर देखा जाएगा उसमें क्या कार्रवाई होनी है।
✓ अवैध रूप से कटे सिंचाई विभाग के पेड़ को लेकर क्या कहते हैं जिलेदार?
बिना परमिशन और बिना किसी विभागीय आदेश के ग्राम प्रधान विनोद गुप्ता द्वारा कटवाए गए पेड़ को लेकर जब जिलेदार से बात चित हुआ तो उन्होंने बताया कि, अब उसमें कल का कटा है हम गए नहीं थे, अब जो भी बातें हैं लकड़ी वहीं रहनी चाहिए, आ उसके बाद हम जब जाएंगे देखेंगे, तब उसका जो होने वाला होगा वैसे होगा, नीलामी करने वाला होगा तो नीलामी होगी!
✓ सबसे बड़ा सवाल!
पूरे प्रदेश में सिंचाई विभाग और वन विभाग दोनों के अधिकार क्षेत्र अलग होते हैं!
जिसमें वन विभाग का कार्य सिर्फ पेड़ों को लगाना एवं उनका रख रखाव करना होता है, ना कि सिंचाई विभाग की जमीन पर लगे पेड़ों पर उनका अपना अधिकार है।
सिंचाई विभाग की जमीन पर लगे हुए पेड़ों पर पूरा अधिकार सिर्फ और सिर्फ सिंचाई विभाग का होता है। लेकिन कुशीनगर जिले में कुछ और ही झोल चल रहा है, सिंचाई विभाग की जमीनों पर लगे पेड़ कहीं भी अगर अवैध तरीके से कटता है तो अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जा कर वन विभाग उन पेड़ों को उठा ले जाता है, जो कि नियम विरुद्ध है।
अब देखना ये होगा कि, बलकुडिया बाज़ार में अवैध तरीके से ग्राम प्रधान द्वारा कटवाए गए सिंचाई विभाग के पेड़ को वन विभाग द्वारा नियम के विरुद्ध उठा ले जाने पर सिंचाई विभाग वन विभाग पर किस तरह का कारवाई कर रहा है।