कुशीनगर : तरयासुजान थाने के दरोगा का कथित रिश्वत ऑडियो वायरल, चार्जशीट के नाम पर पैसे मांगने का आरोप।
रिपोर्ट – धनंजय पाण्डेय पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
∆ चार्जशीट के नाम पर वसूली! दरोगा का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल!
∆ सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो ने बढ़ाई दरोगा की मुश्किलें, जांच की मांग तेज!
∆ भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के बीच सामने आया नया आरोप, चार्जशीट लगाने के नाम पर डराकर पैसे लेने की चर्चा!
∆ ईमानदार पुलिस कप्तान के अभियान के बीच रिश्वत का आरोप चर्चा में!
∆ जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई, फिलहाल ऑडियो चर्चा का विषय!
कुशीनगर : 11 मार्च 2026
जनपद कुशीनगर के तरयासुजान थाना क्षेत्र से एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। वायरल हो रहे इस ऑडियो में एक दरोगा पर चार्जशीट लगाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही इस क्लिप के बाद पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि पीड़ित व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि मामले में चार्जशीट लगाने के नाम पर उसे डराया-धमकाया गया और उससे 20 हजार रुपये से अधिक की रकम वसूले जाने की बात कही जा रही है। हालांकि वायरल ऑडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब जिले में पुलिस प्रशासन भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। जनपद के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के नेतृत्व में हाल के दिनों में कई अभियानों के माध्यम से अपराध और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने की कोशिशें की गई हैं। ऐसे में कथित तौर पर सामने आया यह ऑडियो पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वायरल ऑडियो में की जा रही बातें सही पाई जाती हैं तो यह कानून व्यवस्था और पुलिस की छवि के लिए गंभीर मामला होगा। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग यह भी मानते हैं कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि यदि शिकायत या साक्ष्य के आधार पर जांच होती है तो उसके बाद ही इस मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
नोट : सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।