ईद के मौके पर आखिर क्यों की गई बैरिकेडिंग, अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर साधा निशाना।

ब्यूरो रिपोर्ट, आपकी आवाज़ न्यूज, उत्तर प्रदेश
✓ अखिलेश यादव ने कहा कि ईद के मौके पर इतनी बैरिकेडिंग क्यों की गई है? पुलिस ने मुझे रोका और जब मैंने उनसे पूछा कि मुझे क्यों रोका जा रहा है, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।
लखनऊ :- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ की ऐशबाग ईदगाह में ईद की नमाज के दौरान उन्हें बैरिकेडिंग करके रोकने का आरोप लगाया है, अखिलेश ने कहा कि ईदगाह परिसर में पुलिस ने भारी बैरिकेंडिंग की है, यह मुस्लिमों को रोकने की कोशिश है, उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें करीब आधे घंटे तक अंदर नहीं जाने दिया! जब पुलिस के अधिकारियों से उन्होंने इस बाबत उनसे बात चित की, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।
अखिलेश ने कहा कि ईद का त्योहार पर हम सब खुशी से मनाते हैं, एक दूसरे से गले मिलकर, सेवइयां खाई जाती है! यह भाईचारे का त्योहार है, यह देश की खूबसूरती है कि सभी धर्मों के अलग अलग रास्ते पर चलने वाले लोग एक साथ मिलकर रहते हैं, दुनिया में इतना खूबसूरत देश कहीं नहीं है, जहां इतने धर्मों के लोग मिलकर एक साथ रहते हैं, हम एक दूसरे की परेशानियों में मदद करते हैं, हम सब मिलकर रहेंगे तो देश तरक्की के रास्ते पर जाएगा।
✓ मुझे आधे घंटे तक रोक कर रखा गया, अखिलेश यादव
अखिलेश ने पुलिस पर ऐशबाग ईदगाह के अंदर जाने से रोकने का आरोप लगाया, अखिलेश ने कहा कि पहली बार इतनी बैरिकेडिंग की गई है! पहले ऐसा नहीं था, आज जब मैं आ रहा था, तो जाबूझकर पुलिस ने मुझे रोका! बैरिकेडिंग लगा कर आधे घंटे बाद मुझे जाने दिया गया, हमारी केवल एक गाड़ी को निकलने दिया गया, मैंने जब अधिकारी से पूछा तो उनके पास कोई जवाब नहीं था, आखिर मैं इसको क्या मानूं, इसमें मैं तानाशाही समझूं या इमर्जेंसी समझूं! क्या दूसरे धर्म के त्योहार में शामिल होने से रोकने का दवाब बनाने की कोशिश नहीं है।
अखिलेश ने कहा कि नेताजी मुझे पहले बार ऐशबाग ईदगाह लेकर आए थे, उस दिन से आज तक मैं लगातार आ रहा हूं, लेकिन ऐसी बैरिकेडिंग कभी नहीं देखी, यह इसलिए किया जा रहा था कि लोग त्योहार न मना पाएं।
अखिलेश यादव ने ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा, ‘यह हमारे देश की खूबसूरती है कि यहां अलग-अलग’ धर्मों के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं, अपने-अपने त्यौहारों को सेलिब्रेट करते हैं, दुनिया में भारत जैसे सुंदर देश नहीं हैं, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग मिलकर खुशियां बांटते हैं. वहीं, एक-दूसरे की परेशानियों में भी शामिल होते हैं! जब हम इसी तरह मिलकर रहेंगे, तो हमारा देश और आगे तक जाएगा।