कुशीनगर : मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद लाभार्थी को योजनाओं से किया वंचित, 12 हजार घूस लेने का आरोप।

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धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश

∆ तालाब योजना में लोन पास कराने के नाम पर 12 हजार रुपये लेने का आरोप!

∆ लाभार्थी की पास 15 कट्ठा जमीन होने के बावजूद बदलते रहे मानक और शर्तें!

∆ महीनों तक स्थलीय जांच और कागजी कार्रवाई के बाद भी लोन नहीं हुआ स्वीकृत!

∆ उद्यान विभाग से T.P.A. और एक एकड़ जमीन की नई शर्त बताकर किया गुमराह!

∆ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर धनवापसी व कार्रवाई की मांग!

पडरौना (कुशीनगर)। जनपद के पडरौना तहसील अंतर्गत सरया मौजा निवासी धनंजय कुमार मिश्र ने जिला भूमि संरक्षण अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी तालाब योजना के अंतर्गत लोन स्वीकृत कराने के नाम पर उनसे 12 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई और बाद में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के कारण उन्हें योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया गया।
धनंजय मिश्र के अनुसार उनकी 15 कट्ठा जमीन पर पहले से तालाब स्थित है। कृषि विभाग की योजना के तहत लाभ लेने के लिए वे भूमि संरक्षण अधिकारी सुदीप वर्मा से मिले। उन्हें बताया गया कि कम से कम 5 कट्ठा जमीन पर पोखरा खुदवाने के लिए एक लाख पांच हजार रुपये की योजना है, जिसमें 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। अधिकारी द्वारा स्थलीय निरीक्षण के बाद कहा गया कि चूंकि तालाब पहले से है, केवल उसकी साफ-सफाई करवा दीजिए और एक हजार रुपये का टोकन कटवा लीजिए, लोन पास कर दिया जाएगा।
लाभार्थी ने विभाग में निर्धारित राशि जमा कर टोकन प्राप्त किया और जमीन का इंतखाप, खतौनी, नक्शा, शपथ पत्र, आधार एवं बैंक पासबुक की प्रतियां जमा कीं। विभागीय जेई व अन्य अधिकारियों ने कई बार मौके का निरीक्षण और वीडियो फोटोग्राफी भी की। महीनों तक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद जब लोन स्वीकृत नहीं हुआ तो लाभार्थी पुनः अधिकारी से मिले।

आरोप है कि निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने 12 हजार रुपये की मांग की और कहा कि रकम देने पर लोन जल्द स्वीकृत कर दिया जाएगा। धनंजय मिश्र का कहना है कि उन्होंने अपने बड़े भाई से उधार लेकर राशि दे दी, लेकिन छह से सात महीने बाद भी लोन पास नहीं हुआ। बाद में अधिकारी द्वारा उद्यान विभाग से टी.पी.ए. लेने और एक एकड़ जमीन की अनिवार्यता बताई गई, जबकि उनकी जमीन 15 कट्ठा ही है।
6 फरवरी को उद्यान विभाग में जानकारी लेने पर उन्हें बताया गया कि टी.पी.ए. के लिए 11 हजार रुपये जमा करने होंगे तथा न्यूनतम एक एकड़ भूमि अनिवार्य है। इस पर लाभार्थी ने सवाल उठाया कि यदि यह मानक पहले से था तो शुरुआत में क्यों नहीं बताया गया। इस दौरान हुई बहस को मौके पर मौजूद हिंदू जागरण मंच के जिला प्रभारी रवि सिंह ने शांत कराया।
धनंजय मिश्र ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें गलत जानकारी देकर आर्थिक शोषण किया गया है। उन्होंने अवैध रूप से लिए गए 12 हजार रुपये की वापसी और संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।

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