पडरौना/श्री वाल्मीकि जयंती पर नगरपालिका के जलकल भवन में हुआ अखंड रामायण पाठ का भव्य आयोजन।
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
√ श्री वाल्मीकि जयंती पर पडरौना में गूंजे जय श्रीराम के जयघोष!
√ नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल ने किया दीप प्रज्ज्वलन व ग्रंथ पूजन।
√ अखंड रामायण पाठ के साथ भक्ति और श्रद्धा में डूबा पडरौना नगर।
√ महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों पर चलने का संदेश — अध्यक्ष विनय जायसवाल
√ धार्मिक उल्लास और एकता का प्रतीक बना जलकल भवन परिसर।

पडरौना (कुशीनगर)।
श्री वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद् पडरौना के जलकर भवन परिसर में आज धार्मिक श्रद्धा और भक्ति भाव से ओत-प्रोत वातावरण में अखंड रामायण पाठ का भव्य आयोजन किया गया। पडरौना के जलकर भवन परिसर में आयोजित अखंड रामायण पाठ ने पूरे वातावरण को राममय बना दिया। मंदिरों की घंटियों और रामचरितमानस के मधुर पाठ से नगर के कोने-कोने में दिव्यता का संचार हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्री विनय जायसवाल ने विधिवत पूजन-अर्चन, दीप प्रज्ज्वलन एवं श्रीरामचरितमानस ग्रंथ की पूजा-अर्चना कर किया। इस दौरान भक्तिमय माहौल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, नगरवासी तथा पालिका कर्मी उपस्थित रहे।

पूरे कार्यक्रम के दौरान राम भक्तों द्वारा “जय श्रीराम” के जयघोष से परिसर गूंज उठा। आयोजन समिति की ओर से बताया गया कि श्री वाल्मीकि जयंती का यह पर्व हमें मर्यादा, ज्ञान और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्री जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि, महर्षि वाल्मीकि ने समाज को रामायण जैसे अमूल्य ग्रंथ के रूप में आदर्श जीवन की दिशा दी है। उन्होंने नगरवासियों से समाज में प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना बनाए रखने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस बार जयंती उत्सव को विशेष रूप से “स्वच्छता और सामाजिक सद्भाव” का संदेश देने के उद्देश्य से जोड़ा गया है।
शाम होते-होते दीपों की रोशनी और भक्ति के स्वर से पूरा परिसर जगमगा उठा, और लोगों ने एक स्वर में कहा —
“जय श्री वाल्मीकि, जय श्रीराम!”