कुशीनगर : पीएम आवास योजना (शहरी) में अनियमितताओं पर केंद्र सख्त, भारत सरकार ने यूपी सरकार से मांगी जांच रिपोर्ट।

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रिपोर्ट – धनंजय कुमार पाण्डेय, कुशीनगर

🔵 पीएम आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत दिल्ली तक पहुंची!

🔴 भारत सरकार ने यूपी के प्रमुख सचिव नगर विकास को भेजा पत्र!

🟠 पूर्व विधायक मदन गोविन्द राव की शिकायत पर केंद्र ने लिया संज्ञान!

🟢 सूडा निदेशक ने पहले ही डीएम कुशीनगर को दिए थे जांच के निर्देश!

🟣 अब तक जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से नहीं आई ठोस कार्रवाई!

कुशीनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है। मामले में शिकायत मिलने के बाद भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि कुशीनगर के पूर्व विधायक मदन गोविन्द राव ने 23 जनवरी 2026 को भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री को पत्र भेजकर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत की थी। शिकायत में योजना के लाभार्थियों के चयन, आवास स्वीकृति और क्रियान्वयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया था।
इस शिकायत पर आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुभाग अधिकारी अभिषेक रंजन द्वारा 26 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को पत्र भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की राज्य स्तर पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा की गई कार्रवाई से मंत्रालय और शिकायतकर्ता को भी अवगत कराया जाए।
गौरतलब है कि इस मामले को लेकर पूर्व विधायक द्वारा पहले भी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत की गई थी। इसके क्रम में 30 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश शासन के मिशन निदेशालय राज्य नगरीय विकास अभिकरण (SUDA) की निदेशक अपूर्वा दुबे ने जिलाधिकारी कुशीनगर को पत्र भेजकर कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही जांच की प्रगति और कार्रवाई से शासन को अवगत कराने को भी कहा गया था।
हालांकि निर्देश जारी होने के बाद भी अब तक स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ‘भूमि’ और ‘कॉलोनाइज़ेशन’ राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र के विषय हैं तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) मिशन का संचालन भी राज्य सरकार के माध्यम से ही किया जाता है। इसलिए इस प्रकरण में राज्य सरकार स्तर पर ही जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की गई है।
मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि राज्य नगरीय विकास अभिकरण (SUDA) उत्तर प्रदेश तथा शिकायतकर्ता पूर्व विधायक मदन गोविन्द राव को भी प्रेषित की गई है। अब इस मामले में राज्य सरकार और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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