कुशीनगर : महाशिवरात्रि पर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजे शिवालय, जलाभिषेक को उमड़ा जनसैलाब।
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
∆ “शिवरात्रि” पर्व के अवसर पर ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ जलाभिषेक, देर रात तक लगी रही लंबी कतारें!
∆ प्रमुख शिवालयों में उमड़ी आस्था की भीड़, सड़क तक दिखा श्रद्धालुओं का तांता!
∆ भांग, धतूरा, बेलपत्र और दूध से हुआ भगवान शिव का रुद्राभिषेक!
∆ मंदिर परिसरों में सजा मेला, सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रसाशन रही मुस्तैद!
∆ सिद्धनाथ सिधुआ बाबा मंदिर में दिनभर गूंजते रहे शिवभक्ति के जयकारे!

पडरौना, कुशीनगर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक प्रारंभ कर दिया, जो देर रात तक अनवरत जारी रहा। मंदिरों के गर्भगृह से लेकर मुख्य सड़कों तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
नगर के प्रमुख शिवालयों—शिवाला मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर, लखरांव मंदिर, अंबे मंदिर, खिरकिया स्थित शिवालय, छावनी के महादेव मंदिर, भन्नुनाथ मंदिर, लमुहा शिवमंदिर, करहिया शिवमंदिर तथा रामपुर मटिहनिया स्थित प्राचीन शिवमंदिर—में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भांग, धतूरा, बेलपत्र, पुष्प, बेर, दूध और जल से भरे कलश के साथ भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मंदिर परिसरों के बाहर मेला जैसा दृश्य बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जलपान एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। बच्चों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और शिव आराधना का आयोजन भी किया गया।
सिद्धनाथ सिधुआ बाबा मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। यहां के महंत योगेश्वर नाथ त्रिपाठी की अगुवाई में विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इस अवसर पर शैलेश मिश्रा, सुरेश दास साधु बाबा, अजीत कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। चौकी प्रभारी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में पुलिसकर्मी तैनात रहे और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ढंग से दर्शन-पूजन कराने में सहयोग करते रहे।
महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।