कुशीनगर : शिक्षकों, व्यवसायिक शिक्षकों व रसोइयों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देना ऐतिहासिक फैसला : प्रधानाचार्य परिषद
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
∆ राज्य सरकार के फैसले से शिक्षकों में खुशी की लहर, प्रधानाचार्य परिषद ने जताया आभार!
∆ अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को मिलेगा सीधा लाभ!
∆ स्वास्थ्य सुरक्षा से शिक्षकों के कार्य निष्पादन में आएगा गुणात्मक सुधार!
∆ एनएसएस समापन समारोह में शिक्षाविदों ने मुक्तकंठ से की सरकार की सराहना!
भुजवली/कुशीनगर।
राज्य सरकार द्वारा अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, व्यवसायिक शिक्षकों एवं रसोइयों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्णय शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे शिक्षक हित में मील का पत्थर बताया है।
यह बात राष्ट्रीय इंटरमीडिएट कॉलेज भुजवली प्रमुख, कुशीनगर में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के समापन समारोह के दौरान सामने आई। कार्यक्रम में उपस्थित प्रधानाचार्य अशोक कुमार, गिरिजेश त्रिपाठी, गोविंद मिश्र, प्रमोद ओझा सहित अन्य शिक्षाविदों ने सरकार के इस फैसले की मुक्तकंठ से सराहना की।
शिक्षाविदों ने कहा कि वर्षों से अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित थे। कैशलैस चिकित्सा सुविधा लागू होने से अब उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे और अधिक निष्ठा, समर्पण और ऊर्जा के साथ अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
प्रधानाचार्य परिषद कुशीनगर के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि यह निर्णय शिक्षकों के सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा कवच को मजबूत करेगा। उन्होंने इसे शिक्षक समाज के लंबे समय से चले आ रहे मांग की पूर्ति बताते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने यह भी कहा कि जब शिक्षक स्वस्थ और मानसिक रूप से निश्चिंत रहेंगे, तभी शिक्षा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार संभव है। सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय पहल है।