बड़ी खबर/पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को चलती ट्रेन से जबरन उतारा गया, देवरिया FIR में गिरफ्तारी की पुष्टि।

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डेस्क, आपकी आवाज़ न्यूज़, उत्तर प्रदेश

1️⃣ “चलती ट्रेन से पूर्व आईपीएस की गिरफ्तारी—पहचान छुपाए पुलिसकर्मी, सवालों के घेरे में पूरी कार्रवाई।”

2️⃣ “देवरिया FIR में अचानक कार्रवाई—नूतन ठाकुर बोलीं, ‘पूरी जांच रहस्य बनाकर रखी गई।’”

3️⃣ “अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी पर कानूनी एवं पोलिटिकल हलचल – डी.के. बसु गाइडलाइन उल्लंघन के आरोप तेज।”

4️⃣ “भ्रष्टाचार विरोधी आवाज़ पर लगाम?—समर्थकों ने कहा, ‘यह उत्पीड़न नहीं तो क्या है।’”

लखनऊ/नई दिल्ली/शाहजहांपुर, 10 दिसंबर 2025
प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष के लिए चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को बुधवार सुबह लखनऊ से दिल्ली जाते समय कथित तौर पर चलती ट्रेन से जबरन उतारकर गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना शाहजहांपुर के आसपास हुई, जिसने उनके परिवार और समर्थकों में गहरी चिंता पैदा कर दी।
ट्रेन से अचानक गिरफ्तारी, पहचान छुपाए रहे पुलिसकर्मी
घटना के अनुसार, ठाकुर लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे, इसी दौरान 10–15 लोगों के समूह ने उन्हें ट्रेन से जबरन उतार लिया। इन लोगों ने: अपनी पहचान नहीं बताई, गिरफ्तारी कारण साझा नहीं किया! रेलवे पुलिस से कोई तालमेल भी नहीं बताया! ट्रेन स्टाफ के मुताबिक, गिरफ्तार करने वाले ‘सिविल पुलिस’ के लोग थे, लेकिन किस जिले की पुलिस—यह स्पष्ट नहीं था।

अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद उनकी पत्नी और वरिष्ठ अधिवक्ता नूतन ठाकुर ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए पति की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका व्यक्त की।
देर शाम पुष्टि—देवरिया FIR के मामले में की गई गिरफ्तारी!
लंबी असमंजस की स्थिति के बाद लखनऊ के तालकटोरा थाना प्रभारी ने देर शाम परिवार को फोन कर बताया कि: गिरफ्तारी देवरिया में दर्ज पुराने मुकदमे से संबंधित है! अमिताभ ठाकुर को देवरिया ले जाया जा रहा है।
देवरिया मामले की पृष्ठभूमि

देवरिया में दर्ज यह FIR अपहरण और दुष्कर्म मामले से जुड़ी है। आरोप है कि: अमिताभ ठाकुर और अधिवक्ता नूतन ठाकुर ने कथित तौर पर पीड़िता पर बयान बदलने का दबाव बनाया। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

नूतन ठाकुर का आरोप है कि:
FIR दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने जांच अधिकारी की जानकारी साझा नहीं की! पूरे मामले को रहस्यमय ढंग से दबा कर रखा गया! और अब अचानक अलोकतांत्रिक तरीके से गिरफ्तारी की गई!

कानूनी एवं राजनीतिक हलकों में हलचल, अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी ने राजनीतिक और कानूनी संस्थाओं में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की है।

मुख्य सवाल उठाए जा रहे हैं:

1.डी.के. बसु दिशानिर्देशों का उल्लंघन?
पूर्व अधिकारी की गिरफ्तारी में, गिरफ्तारी कारण न बताना, गिरफ्तारी मेमो न देना, परिवार को तुरंत सूचित न करना, जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं।

2.उत्पीड़न की आशंका!
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई
“भ्रष्टाचार विरोधी आवाज़ को दबाने की कोशिश” जैसी प्रतीत होती है।
∆ अगले कानूनी कदम!

नूतन ठाकुर और उनकी टीम है! बियस कॉर्पस याचिका अन्य कानूनी उपाय दायर करने की तैयारी कर रही है।

देवरिया ले जाए जाने के बाद अमिताभ ठाकुर को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा, जहाँ, गिरफ्तारी के कारण FIR की प्रकृति आधिकारिक रूप से स्पष्ट किए जाने की संभावना है।

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