कुशीनगर : राष्ट्रीय ध्वज का अपमान! पंचायत भवन पर महीनों तक झुका रहा तिरंगा, जिम्मेदारों की खुली पोल – मीडिया की दस्तक के बाद हड़कंप।
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
🔴 मीडिया कर्मियों के आने से पहले महीनों तक झुका रहा तिरंगा, पंचायत प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर!
🟠 15 अगस्त से 23 नवम्बर तक नहीं उतारा गया ध्वज—राष्ट्रीय ध्वज संहिता का खुला उल्लंघन, जवाबदेही कौन तय करेगा?
🟡 ग्राम प्रधान और सचिव की ‘सोई संवेदनशीलता’—पंचायत भवन पर तिरंगे का अपमान बना रहा तमाशा!
🟢 सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होते ही मचा हड़कंप, सुबह-सुबह जल्दबाजी में उतारा गया तिरंगा!
🔵 ग्रामीणों में उबाल: तिरंगे के अपमान पर ग्राम प्रधान–सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज!

कुशीनगर जिले के पडरौना विकास खण्ड के ग्राम पंचायत खनवार बकलोलही में देश के गौरव राष्ट्रीय ध्वज के साथ हुई लापरवाही ने स्थानीय प्रशासन से लेकर शासन तक सबको कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्राम पंचायत भवन पर 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस पर फहराया गया तिरंगा पूरे तीन से अधिक महीनों तक झुका हुआ, और अनौपचारिक ढंग से लटका रहा। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की अनदेखी ने सरकारी नियमों और राष्ट्रीय सम्मान दोनों की खुलकर धज्जियाँ उड़ाईं।
⭐ राष्ट्रीय ध्वज संहिता का खुला उल्लंघन!

यह सर्वविदित है कि राष्ट्रध्वज का उतारना, सुरक्षित रखना और गरिमा बनाए रखना प्रत्येक सरकारी संस्था की जिम्मेदारी है। लेकिन पंचायत भवन पर 23 नवम्बर 2025 तक झुका हुआ तिरंगा टंगा रहना न केवल गंभीर चूक है, बल्कि ध्वज संहिता 2002 का सीधा उल्लंघन भी है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि “पंचायत भवन पर ध्वज महीनों से झूल रहा था, लेकिन किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने इसे हटाने की जहमत नहीं उठाई!”
⭐ मीडिया की दस्तक के बाद मचा गया हड़कंप!

मामले की जानकारी जब स्थानीय मीडिया तक पहुँची, तो तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं।
इसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सुबह-सुबह बिना किसी औपचारिक सम्मान-प्रक्रिया का पालन किए, जल्दबाजी में तिरंगे को उतार दिया गया।
ग्रामीणों ने इसे “गंभीर राष्ट्रीय अपमान को छिपाने की कोशिश” करार दिया।
⭐ स्वतंत्रता दिवस से अब तक किसी ने नहीं ली सुध!
15 अगस्त से 23 नवम्बर तक तिरंगे को न उतारना यह दर्शाता है कि पंचायत प्रशासन की कार्यशैली किस हद तक लापरवाह है। यह वही तिरंगा है जिसके लिए लाखों वीरों ने प्राण न्यौछावर किए, और जिसे सम्मान देना हर नागरिक का पहला कर्तव्य है।
⭐ ग्रामीणों में रोष, कार्रवाई की मांग!

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और बीडीओ से ग्राम प्रधान एवं सचिव के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में पहले भी कई ऐसे प्रकरण सामने आए हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है।
⭐ प्रशासन मौन—जवाबदेही कौन तय करेगा?
मामले के उजागर होने के बाद भी स्थानीय प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। क्या तिरंगे के अपमान जैसे गंभीर मुद्दे पर भी कार्यवाही सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी?
या फिर दोषियों पर ध्वज संहिता के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी?
राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान किसी दल, पंचायत या अधिकारी की जिम्मेदारी मात्र नहीं…
यह राष्ट्र की आत्मा और सम्मान का प्रश्न है।
ग्राम पंचायत खनवार बकलोलही में जो हुआ, वह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि राष्ट्रीय गर्व पर गंभीर चोट भी है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।