कुशीनगर वासियों के लिए राहत भरी खबर : अब सांकृत्य हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड धारकों का फ्री इलाज संभव।
धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश
🔵 कुशीनगर की शान – सांकृत्य हॉस्पिटल बना जनपद का पहला आयुष्मान-मान्यता प्राप्त आधुनिक चिकित्सा केंद्र।
🟢 अब गोरखपुर या लखनऊ नहीं – जिला मुख्यालय पर ही मिलेगी विशेषज्ञ डॉक्टरों से फ्री इलाज की सुविधा।
🟡 यूरोलॉजी, स्त्री रोग, सर्जरी, हड्डी और नेत्र विभाग – सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध।

🔴 शासन की स्वीकृति के बाद सांकृत्य हॉस्पिटल ने स्वास्थ्य सुविधा को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प।
🟣 अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों की टीम – मरीजों को दे रही भरोसेमंद उपचार की गारंटी।
🟠 आयुष्मान योजना से जुड़कर सांकृत्य हॉस्पिटल ने गरीब और वंचित वर्ग के लिए खोला राहत का नया द्वार।

पडरौना (कुशीनगर) 04 नवम्बर 2025
जिला मुख्यालय रविंद्रनगर धूस स्थित सांकृत्य हॉस्पिटल को अब उत्तर प्रदेश शासन से आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज की स्वीकृति मिल गई है। यह खबर पूरे कुशीनगर जनपद के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है, क्योंकि अब जनपद के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए गोरखपुर या लखनऊ के अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार, शासन की स्वीकृति मिलने के बाद अब आयुष्मान कार्ड धारकों को फ्री इलाज की सुविधा सांकृत्य हॉस्पिटल में उपलब्ध होगी। इस योजना के अंतर्गत यूरोलॉजी (मूत्र रोग), स्त्री रोग, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग तथा नेत्र रोग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा जांच, उपचार एवं शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) की सुविधाएं निशुल्क दी जाएंगी।
हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.अशोक पाण्डेय ने बताया कि शासन की मंजूरी से कुशीनगर के लोगों को न केवल राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि “हमारा प्रयास रहेगा कि हर आयुष्मान कार्ड धारक को गुणवत्तापूर्ण और समय पर इलाज मिले, ताकि किसी मरीज को आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित न होना पड़े।”

∆ उत्तर प्रदेश शासन : जनहित और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में सशक्त कदम!
उत्तर प्रदेश शासन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह आमजन के जीवन स्तर को सुधारने और स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सांकृत्य हॉस्पिटल, कुशीनगर को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज की स्वीकृति देना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह निर्णय न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को राहत देगा, बल्कि शासन की संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण को भी दर्शाता है। स्वास्थ्य क्षेत्र में इस तरह की पहलें यह संदेश देती हैं कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका स्वास्थ्य” के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है।

संक्षेप में कहा जाए तो —
उत्तर प्रदेश शासन जनता के हितों की रक्षा करने और हर नागरिक को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के संकल्प पर मजबूती से अग्रसर है।
स्थानीय लोगों में इस निर्णय को लेकर खुशी की लहर है। कई नागरिकों ने इसे “स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा कदम” बताया। नगर निवासी ने कहा कि “पहले छोटी-छोटी सर्जरी के लिए भी मरीजों को गोरखपुर जाना पड़ता था, लेकिन अब जिला मुख्यालय स्थित सांकृत्य हॉस्पिटल पर ही बेहतर इलाज संभव हो सकेगा।”
बताते चलें कि सांकृत्य हॉस्पिटल लंबे समय से कुशीनगर क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए प्रयासरत रहा है। हॉस्पिटल में अत्याधुनिक उपकरण, अनुभवी चिकित्सक टीम और आपातकालीन सुविधा पहले से मौजूद है। अब आयुष्मान योजना की मंजूरी मिलने के बाद यह अस्पताल जनपद के स्वास्थ्य परिदृश्य में एक नई उम्मीद के रूप में उभरा है।

मुख्य विशेषताएं:
∆ शासन से आयुष्मान योजना के अंतर्गत सांकृत्य हॉस्पिटल को मिली मंजूरी!
∆ अब यूरोलॉजी, स्त्री रोग, सर्जरी, हड्डी एवं नेत्र विभाग में फ्री इलाज संभव!
∆ कुशीनगर के मरीजों को अब गोरखपुर या लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा!
∆ आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध!
∆ गरीब एवं वंचित तबके को मिलेगा सीधा लाभ!
सांकृत्य हॉस्पिटल की यह पहल न केवल कुशीनगर बल्कि आसपास के क्षेत्रों के हजारों परिवारों के लिए जीवन रक्षक सिद्ध होगी। शासन की यह मंजूरी जिले के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाली है।
∆ सांकृत्य हॉस्पिटल रविंद्रनगर – ईलाज नहीं, विश्वास और सेवा का प्रतीक बन चुका है कुशीनगर में।
∆ हर वर्ग के मरीजों के लिए खुला राहत का दरवाज़ा, आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए पूर्णतः निशुल्क उपचार।
∆ 24×7 आपातकालीन सेवा और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस, अब स्वास्थ्य सुविधा बनी पहले से और सशक्त।
∆ शासन की मंजूरी से सांकृत्य हॉस्पिटल बना पूर्वांचल के स्वास्थ्य क्षेत्र का नया मील का पत्थर।
∆ अनुभवी डॉक्टरों की समर्पित टीम, मरीजों को दे रही है जीवन में फिर से मुस्कान का विश्वास।
∆ जनपद कुशीनगर को मिला ऐसा चिकित्सा संस्थान, जहां इलाज के साथ मिलती है इंसानियत की मिसाल।