गन्ना मूल्य में मात्र ₹30 की बढ़ोतरी कर योगी सरकार ने किसानों से किया धोखा : रामचन्द्र सिंह

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डेस्क, आपकी आवाज़ न्यूज़, उत्तर प्रदेश

🟢 गन्ना मूल्य में मात्र ₹30 की बढ़ोतरी, किसानों ने कहा — योगी सरकार ने फिर दिया “लालीपॉप”!

🔵 रामचन्द्र सिंह बोले — दस साल में ₹85 की बढ़ोतरी ऊँट के मुँह में जीरा, किसान बेहाल!

🟣 बन्द चीनी मिलों पर टूटा सरकार का वादा, लक्ष्मीगंज मिल आज भी ठप!

🟢 भाजपा और बसपा के बीच गुप्त समझौते पर उठे सवाल — “किस कीमत पर हुआ सौदा?”

🔴 बीकेयू (जनकल्याण) ने दी चेतावनी — गन्ने का भाव ₹500 नहीं हुआ तो सड़कों पर उतरेगा किसान!

लखनऊ।
भारतीय किसान यूनियन (जनकल्याण) के प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने गन्ना मूल्य में मात्र ₹30 की बढ़ोतरी को किसानों के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने का मूल्य केवल ₹30 बढ़ाया है, जबकि पिछले दस वर्षों में कुल वृद्धि केवल ₹85 ही हुई है।

उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी ऊँट के मुँह में जीरा के समान है और इससे किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं होगा।

∆ भाजपा का “किसान हितैषी” दावा सवालों के घेरे में!

रामचन्द्र सिंह ने बताया कि योगी सरकार बनने के बाद पेराई सत्र 2017-18 में मात्र ₹10 की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद पेराई सत्र 2018-19 से लेकर 2020-21 तक गन्ने के मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई।
उन्होंने कहा —  “इन वर्षों में खाद, डीज़ल, बीज, कीटनाशक और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़े, लेकिन किसानों को उसका कोई लाभ नहीं मिला। भाजपा सरकार ने सिर्फ चुनावी सालों में गन्ना मूल्य बढ़ाकर किसानों को लुभाने का प्रयास किया।”

∆ चुनावी फायदा उठाने की कोशिश!

उन्होंने आरोप लगाया कि 2021-22 में विधानसभा चुनाव से पहले ₹25 की बढ़ोतरी और अब 2025-26 में ₹30 की वृद्धि केवल आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखकर की गई है।

∆ बन्द चीनी मिलों पर सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप!

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर 2021 में किसान सम्मेलन के दौरान कहा था कि प्रदेश की जर्जर और बन्द चीनी मिलों को पुनः चालू किया जाएगा, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने विशेष रूप से लक्ष्मीगंज चीनी मिल (UPSSCL) का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि इसे औने-पौने दामों में बेच दिया गया और सरकार ने अब तक उसे पुनः चालू कराने का कोई प्रयास नहीं किया।

क्या भाजपा और बसपा में है कोई गुप्त समझौता?

रामचन्द्र सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा — “क्या भाजपा सरकार और यूपी की डबल इंजन सरकार ने बसपा मुखिया मायावती से कोई गुप्त समझौता किया है? यदि हां, तो यह समझौता किन शर्तों पर और कितनी राशि में हुआ?”

∆ सरकार से प्रमुख माँग और आन्दोलन की चेतावनी!

रामचन्द्र सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने का मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल तय किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान महंगाई के दौर में यही एकमात्र रास्ता है जिससे किसानों का भला हो सके।
उन्होंने चेतावनी दी — “यदि सरकार ने गन्ने का मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल नहीं किया, तो भारतीय किसान यूनियन (जनकल्याण) राज्यव्यापी किसान आन्दोलन करने को बाध्य होगी। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।”

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