पडरौना का दीपोत्सव बना सांस्कृतिक पहचान- नगर अध्यक्ष विनय जायसवाल के संकल्प ने किया सपना साकार।

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धनंजय कुमार पाण्डेय, व्युरो चीफ, उत्तर प्रदेश

1️⃣ ✨ “अयोध्या से प्रेरित संकल्प ने लिखा नया इतिहास — पडरौना का दीपोत्सव बना नगर की सांस्कृतिक पहचान!”

2️⃣ 🪔 “31000 दीपों से आलोकित हुआ छठ घाट — विनय जायसवाल के विजन ने जगाई आस्था की लौ!”

3️⃣ 🌸 “दीपोत्सव सिर्फ दीयों का पर्व नहीं, बल्कि एकता, श्रद्धा और सकारात्मकता का संदेश है — विनय जायसवाल”

4️⃣ 🙏 “श्री बुढ़िया माता मंदिर परिसर में भव्य दीपोत्सव — हजारों श्रद्धालुओं ने महसूस की अध्यात्म की ऊर्जा!”

5️⃣ 🌼 “छह वर्ष का सफर, छठवां दीपोत्सव — पडरौना में आस्था और संस्कृति का संगम बना बुढ़िया माता मंदिर घाट”

पडरौना 19 अक्तूबर 2025                                   पडरौना : रामनगरी श्री अयोध्याधाम के ऐतिहासिक दीपोत्सव से प्रेरणा लेकर नगर पालिका परिषद पडरौना के अध्यक्ष श्री विनय जायसवाल ने छह वर्ष पूर्व एक ऐसा संकल्प लिया था, जिसने आज पूरे नगर की पहचान को नया आयाम दे दिया है।

मानस कॉलोनी स्थित श्री बुढ़िया माता मंदिर परिसर में नवनिर्मित छठ घाट पर दीपोत्सव की शुरुआत उन्होंने वर्ष 2019 में की थी, और अब यह आयोजन अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष का दीपोत्सव 31000 दीपों की रौशनी से आलोकित होकर अद्भुत आध्यात्मिकता और भव्यता का संगम बना हुआ है।

दीपों से सजे घाट की झलकियाँ न केवल नगरवासियों के हृदय को छू रही हैं, बल्कि यह आयोजन अब पडरौना की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का प्रतीक बन गया है।

∆ नगर अध्यक्ष विनय जायसवाल ने कहा-

“दीपोत्सव केवल दीये जलाने का पर्व नहीं है, यह हमारे भीतर के अंधकार को मिटाकर सकारात्मकता और प्रकाश फैलाने का संदेश देता है। हमारा संकल्प है कि पडरौना भी अयोध्या की तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो।”

उन्होंने बताया कि इस आयोजन की तैयारी में नगर पालिका की टीम और स्वयंसेवक मिलकर कार्य करते हैं। सफाई, सजावट, सुरक्षा और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मंदिर के प्रधान पुजारी श्री वीरेंद्र जी महाराज ने बताया कि प्राचीन काल में यहां बंजारों ने वनदेवी की पिंडियों की स्थापना की थी, और इसी स्थान पर मंदिर निर्माण का कार्य तत्कालीन पालिकाध्यक्ष विनय जायसवाल ने कराया था। यह स्थान आज आस्था और चमत्कार का केंद्र बन चुका है, जहां माता की कृपा से भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

दीपोत्सव के इस पावन अवसर पर नगर में आस्था, एकता और सामाजिक सद्भाव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हर आयु वर्ग के लोगों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —
महंथ वीरेंद्र जी, अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल, ईओ संतराम सरोज, प्रियंका देवी, शकुंतला देवी, सरिता गुप्ता, रचना देवी, आभा देवी, सुशीला देवी, निक्की शर्मा, गुलाबी देवी, शालिनी देवी, सुदर्शन पाल, चंद्रप्रकाश दुबे, दीपक दुबे, अवधेश तिवारी, पारस मणि, सुभाष सिंह, राजेश सैनी, सुरेश चौरसिया, गौरव चौबे, लक्ष्मीकांत मिश्रा, ब्रजेश शर्मा, नीरज मिश्रा, भरत चौधरी, राजेश जायसवाल, अनूप गौड़, आयुष जायसवाल, प्रांजल शर्मा, सर्वेश उपाध्याय, श्याम जायसवाल, सतेंद्र यादव, विनायक शर्मा, विनोद गुप्ता, सन्नी मिश्रा, मंथन सिंह, सिद्धार्थ विनय, मद्धेशिया, अरुण सिंह, चंचल चौबे, रामदरश शुक्ला, अमित तिवारी, काशी राजभर, प्रमोद मद्धेशिया सहित भारी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।

पडरौना का यह दीपोत्सव अब सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नगर की गौरवशाली पहचान और आध्यात्मिक एकता का उत्सव बन चुका है।

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