विशुनपुरा/कक्षा 8वीं की छात्रा रेशमा खातून बनीं एक दिन की प्रधानाध्यापिका।

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धनंजय कुमार पाण्डेय, व्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश

1️⃣ कक्षा 8 की छात्रा रेशमा खातून बनीं एक दिन की प्रधानाध्यापिका।
2️⃣ संविलियन विद्यालय बहोरा रामनगर में अनूठी पहल।
3️⃣ प्रधानाध्यापक रमेश चन्द्र चौरसिया सहित सभी शिक्षक बने गवाह।
4️⃣ विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी निभाकर रेशमा ने दिखाया आत्मविश्वास।
5️⃣ छात्राओं में नेतृत्व क्षमता और प्रेरणा जगाने की सफल कोशिश।

विशुनपुरा/कुशीनगर

रेशमा खातून साथ, रमेशचंद्र चौरसिया

कुशीनगर जनपद के विशुनपुरा विकासखंड अंतर्गत संविलियन विद्यालय बहोरा रामनगर में 30 सितम्बर का दिन बेहद खास रहा। कक्षा 8वीं की होनहार छात्रा रेशमा खातून को एक दिन के लिए विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बनने का अवसर मिला।

विद्यालय प्रशासन की इस अनूठी पहल ने छात्राओं में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास जगाने का काम किया। रेशमा खातून ने प्रधानाध्यापिका की कुर्सी संभालते हुए विद्यालय के शैक्षिक और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान प्रधानाध्यापक रमेश चन्द्र चौरसिया सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ मौजूद रहे और उन्हें विद्यालय संचालन की बारीकियों से अवगत कराया।

यह आयोजन केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राज्य सरकार की उस मनशा से भी मेल खाता है, जिसके अंतर्गत बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के अवसर दिए जा रहे हैं। “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने की योजनाओं की भावना इसी तरह के प्रयासों में साकार होती है।

इस मौके पर रेशमा ने कहा कि, यह अनुभव उनके जीवन के लिए अविस्मरणीय रहेगा और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। वहीं विद्यालय परिवार ने भी इस पहल को छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में सार्थक कदम बताया।

गाँव के अभिभावक और छात्र-छात्राएँ भी इस आयोजन से बेहद उत्साहित दिखे। विद्यालय में एक दिन की ‘प्रधानाध्यापिका रेशमा’ का यह प्रयोग न केवल प्रेरणादायी रहा, बल्कि शिक्षा के साथ नेतृत्व गुणों को प्रोत्साहित करने का बेहतरीन उदाहरण भी बन गया।

👉 रेशमा खातून की यह उपलब्धि विद्यालय और क्षेत्र दोनों के लिए गर्व का विषय बन गई है।


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