गोरखपुर/युगपुरुष महंत दिग्विजयनाथ व राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न।

0
image_editor_output_image368512950-1757944911958.jpg
Spread the love

डेस्क, आपकी आवाज़ न्यूज़, उत्तर प्रदेश

√ युगपुरुष महंत दिग्विजयनाथ और राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर वृक्षारोपण।

√ तापसी धाम में संतों संग बेल और पीपल का किया गया पौधरोपण।

√ दीवानी कचहरी हनुमान मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कल्पवृक्ष का किया गया रोपण।

√ अधिवक्ता गण और समाजसेवियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प।

√ “महंत अवेद्यनाथ जी अमर रहें” के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर।

गोरखपुर 15 सितम्बर 2025
विश्व हिंदू महासंघ द्वारा युगपुरुष महंत दिग्विजयनाथ की 56वीं पुण्यतिथि तथा राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ की 11वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत सोमवार, 15 सितंबर 2025 को गोरखपुर में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक श्रद्धा और सामाजिक जिम्मेदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम के तहत तापसी धाम में प्रदेश अध्यक्ष, सैनिक कल्याण प्रकोष्ठ श्री विनोद कुमार त्रिपाठी, श्री कौशल तिवारी, श्री संजय सिंह सहित संत महात्माओं ने मिलकर बेल और पीपल के वृक्ष रोपे। संत समाज ने इस मौके पर कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का भी प्रतीक है।

इसी क्रम में गोरखपुर दीवानी कचहरी स्थित श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में पंडित राजमंगल मिश्र जी के मंत्रोच्चार और वैदिक विधि-विधान के बीच कल्पवृक्ष का सामूहिक रोपण किया गया। इस पावन अवसर पर डॉ. गिरीश चंद्र द्विवेदी, पंडित आनंद चंद्र धर द्विवेदी, श्री अजय शंकर त्रिपाठी, प्रदीप त्रिपाठी, डॉ. उदय चंद शर्मा, निखिल कुमार श्रीवास्तव सहित अधिवक्ता गण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त अधिवक्ता समाज के साथ अजय कुमार विश्वकर्मा, सत्येंद्र सिंह और इं. राजेश्वरी प्रसाद विश्वकर्मा ने भी वृक्षारोपण कर राष्ट्रसंतों के विचारों और उनके लोकहितकारी कार्यों को स्मरण किया।

सामूहिक संकल्प लिया गया कि संतों की परंपरा और विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए समाज व पर्यावरण के संरक्षण हेतु वृक्षारोपण अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।

अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने “महंत अवेद्यनाथ जी अमर रहें” के उद्घोष के साथ उनके आशीर्वाद की कामना की और कार्यक्रम का समापन हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed