समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल को दिखाया बाहर का रास्ता।

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डेस्क, आपकी आवाज़ न्यूज, उत्तर प्रदेश

1. सपा का बड़ा फैसला — पूजा पाल की पार्टी से छुट्टी!

2. विवादों के बीच पूजा पाल पर गिरी गाज!

3. पूजा पाल को लेकर सपा में मची खलबली, निष्कासन की गूंज!

4. नेतृत्व से टकराव बना बाहर होने की वजह?

5. सपा का संदेश साफ — अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं

लखनऊ रिपोर्ट 14 अगस्त 2025

समाजवादी पार्टी ने अपने बागी विधायक पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है, वो पिछले काफी समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होती बताई जा रही थीं! विधानसभा में वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की काफी तारीफ की थी।

समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए वरिष्ठ नेता और विधायक पूजा पाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। पार्टी ने यह कार्रवाई संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन और नेतृत्व के खिलाफ लगातार बयानबाज़ी के आरोपों के चलते की है।

जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से पूजा पाल और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद की खबरें सामने आ रही थीं। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने कई मौकों पर पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर बयान दिए, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने बयान जारी कर कहा कि समाजवादी पार्टी अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व की परंपरा में विश्वास रखती है, और किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, पूजा पाल ने अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “राजनीतिक साजिश” करार दिया और कहा कि वे जनता के मुद्दों पर आवाज उठाती रहेंगी।

इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा का यह फैसला आने वाले चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। अब यह देखना होगा कि पूजा पाल का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।

✓ विधानसभा के 24 घंटे चले विशेष सत्र में क्या कहा था पूजा पाल ने?

”मैंने अपना पति खोया है, सब जानते हैं कि मेरे पति की हत्या कैसे हुई और किसने की. मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद करती हूं जिन्होंने मुझे न्याय दिलाया और मेरी बात तब सुनी जब किसी ने नहीं सुनी. मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया और अपराधियों को दंड दिया.मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस जैसी नीतियां लाकर अतीक अहमद जैसे अपराधियों मिट्टी मिलाया है. आज पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री की ओर विश्वास से देखता है.मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री ने मिट्टी में मिलाने का काम किया.”

✓ पति की हत्या के बाद राजनीति में आईं पूजा पाल!

दरअसल पूजा पाल के पति राजूपाल की जनवरी 2005 में इलाहाबाद (आज के प्रयागराज) में दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई थी.दंबग छवि वाले राजू पाल कभी माफिया सरगना रहे अतीक अहमद के साथी हुआ करते थे. लेकिन बाद में वो उनसे अलग हो गए. साल 2002 का विधानसभा चुनाव राजू पाल ने इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से लड़ा था.उनके सामने थे अतीक अहमद. राजू यह चुनाव हार गए थे. साल 2004 का लोकसभा चुनाव अतीक ने फूलपुर सीट से लड़ा और जीता. इसके बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था।

अतीक के इस्तीफे के बाद इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया. वहां से समाजवादी पार्टी ने अतीक के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को टिकट दिया था. वहीं मायावती की बसपा ने राजू पाल को टिकट दिया. इस चुनाव में राजू पाल ने खालिद अजीम को चार हजार से अधिक वोटों से मात दे दी. यह वह सीट थी, जिस पर 1989 से अतीक का कब्जा था।

✓ अतीक अहमद के भाई को हराया!

इस जीत से राजू पाल अतीक के निशाने पर आ गए. 25 जनवरी 2005 को प्रयागराज के नेहरू पार्क के पास कुछ हथियारबंद लोगों ने राजू पाल की हत्या कर दी थी. इस हमले में राजू पाल के अलावा दो और लोग भी मारे गए थे. इस हत्याकांड में राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने अतीक, मोहम्मद अशरफ समेत नौ लोगों को नामजद किया था. राजू पाल की मौत के बाद हुए इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया. इसमें बसपा ने पूजा पाल को टिकट दिया, लेकिन वो खालिद अजीम से हार गईं. इसके बाद 2007 के विधानसभा चुनाव में पूजा पाल ने वहां से जीत दर्ज की. उन्होंने 2012 के चुनाव में अतीक अहमद को भी हरा दिया. लेकिन 2017 में वह बीजेपी के सिद्धार्थ नाथ सिंह से हार गईं. इसके बाद वो बसपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं. सपा ने 2022 के विधानसभा में पूजा पाल की सीट बदलकर चायल से टिकट दिया.वहां उन्होंने अपना दल (सोनेलाल) के नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल को हराकर जीत दर्ज की।

सपा विधायक पूजा पाल के बीजेपी के करीब जाने का निर्णायक मोड़ रहा 2023 को उमेश पाल हत्याकांड. उमेश पूजा के सगे भाई और राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे. उनकी 2023 में प्रयागराज में हत्या कर दी गई थी।

✓ उमेश पाल हत्याकांड!

साल 2023 में एक और बड़ा कांड हुआ. राजू पाल हत्‍याकांड में नई कड़ी तब जुड़ी जब इस कांड के गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई.इस हत्याकांड ने अतीक के खात्मे की दिशा में बड़ा काम किया. इस मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस अतीक और उनके भाई को प्रयागराज लाई थी. इस दौरान 15 अप्रैल 2024 को दो लोगों अतीक और उनके भाई की काफी करीब से गोली मारकर हत्या कर दी।

पूजा पाल बहुत पहले से ही समाजवादी पार्टी से बगावत के मूड में थीं. उनकी बीजेपी से नजदीकी बढ़ती जा रही थी. इसका पता तब चला जब फरवरी 2024 में राज्य सभा की 10 सीटों के लिए चुनाव कराया गया. इस चुनाव में पूजा पाल समेत सपा के चार विधायकों ने पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ वोट किया.क्रास वोटिंग करने वालों में पूजा के अलावा अभय सिंह , राकेश प्रताप सिंह और मनोज पांडेय भी थे. इनमें से अभय सिंह , राकेश प्रताप सिंह और मनोज पांडेय को सपा ने अभी कुछ दिन पहले ही पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से निष्कासित किया है. आज चौथी बागी पूजा पाल को भी सपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया।

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