सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड के दो शूटरों को STF ने मुठभेड़ में मार गिराया।
डेस्क, आपकी आवाज़ न्यूज, उत्तर प्रदेश
✓ यूपी एसटीएफ के दो बड़े एनकाउंटर, सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड के दो हमलावरों को मुठभेड़ में मार गिराया।
1. सीतापुर पत्रकार हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, दो शूटर्स एनकाउंटर में ढेर।
2. यूपी एसटीएफ और शूटर्स के बीच हुई मुठभेड़, मुठभेड़ के दौरान मौके पर मारे गए दोनों हमलावर।
3. पत्रकार की हत्या का बदला, सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दो अपराधी ढेर।
4. STF की सटीक कार्रवाई, पत्रकार की हत्या में शामिल दो शूटर किए गए ढेर।
रिपोर्ट उत्तर प्रदेश: 7 अगस्त 2025
सीतापुर : यूपी में गुरुवार को एसटीएफ ने दो बड़ी मुठभेड़ में तीन अपराधियों को मार गिराया। पहला एनकाउंटर प्रयागराज में हुआ, जहां झारखंड के इनामी बदमाश आशीष रंजन को ढेर कर दिया गया! वहीं सीतापुर में हुई मुठभेड़ में पत्रकार हत्याकांड मामले में भी दो हत्यारे मारे दिए गए।
सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड के दो शूटरों को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया, एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि STF और पुलिस को शूटरों की मूवमेंट की सूचना मिली थी। टीम पिसावा इलाके में चेकिंग कर रही थी! इसी दौरान दो शूटर बाइक से आए। टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन शूटरों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटरों को गोली लग गई। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने गुरुवार तड़के मुठभेड़ में दो शूटरों को मार गिराया। यह मुठभेड़ सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र के पास हुई, जहां दोनों शूटरों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, मारे गए शूटर पत्रकार राघवेंद्र की हत्या में सीधे तौर पर शामिल थे और पिछले कई दिनों से फरार चल रहे थे। मौके से पुलिस को हथियार, मोबाइल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है।
मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ ने जब अपराधियों को सरेंडर करने को कहा, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ बैठे।
हत्याकांड के बाद से ही इस मामले ने राज्य भर में सनसनी फैला दी थी और पत्रकार संगठनों से लेकर आमजन में भारी आक्रोश था। अब एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मुख्य साजिशकर्ताओं तक भी कानून का शिकंजा पहुंचेगा।
पुलिस और प्रशासन ने दावा किया है कि पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है और जल्द ही इस हत्याकांड से जुड़ी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बदमाशों की पहचान राजू उर्फ रिजवान और संजय उर्फ अकील खान के रूप में हुई। दोनों सगे भाई थे। इनकी मां हिंदू जबकि पिता मुस्लिम है। दोनों शूटर पर एक-एक लाख का इनाम था। दोनों भाइयों ने 8 मार्च को हाईवे पर पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की बाइक रोककर उसे गोलियों से छलनी कर दिया था. बदमाशों की पहचान राजू उर्फ रिजवान और संजय उर्फ अकील खान के रूप में हुई। दोनों सगे भाई थे. इनकी मां हिंदू जबकि पिता मुस्लिम है. दोनों शूटर पर एक-एक लाख का इनाम था।
दोनों भाइयों ने 8 मार्च को हाईवे पर पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की बाइक रोककर उसे गोलियों से छलनी कर दिया था. पत्रकार की हत्या पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आ गई थी। घटना के बाद से पुलिस शूटरों की तलाश में जुटी थी. हत्या की साजिश कारेदेव बाबा मंदिर के पुजारी शिवानंद बाबा उर्फ विकास राठौर ने रची थी. राघवेंद्र ने पुजारी को मंदिर परिसर में किसी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था. पुजारी को डर था राघवेंद्र यह बात बाहर न बता दे, इसलिए दो शूटरों को सुपारी देकर पत्रकार की हत्या करवा दी थी. इस केस में पुलिस अब तक मुख्य साजिशकर्ता पुजारी शिवानंद बाबा समेत तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है।