कुशीनगर में लगातार हो रहे बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, अध्ययन हेतु दूर दराज क्षेत्रों से आने वाले छतों को हो रही परेशानियां।

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डेस्क, आपकी आवाज़ न्यूज, कुशीनगर

✓ कुशीनगर में आफत बनी बारिश, गलियों से लेकर बाजार तक जलजमाव।

✓ निचले इलाकों में घरों में घुसा पानी, लोगों के बेघर होने जैसे हुए हालात।

✓ चल रहे स्कूल और कॉलेजों तक बच्चों को पहुंचने में हो रही असुविधा, सड़कें और गली मोहल्लों में जलजमाव, बेबस नजर आ रहे जिम्मेदार।

✓ बरसात ने खोली नगरपालिका, नगरपंचायत और नगर निगम की पोल, जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल।

कुशीनगर, 4 अगस्त 2025:
कुशीनगर जिले में लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से जिले के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों पर पानी भरा हुआ है, गलियां तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, और निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया है।

स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ी:
बड़ी संख्या में लोग घरों में कैद हो गए हैं। दुकानदारों को व्यापार में नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि कई निजी स्कूलों ने अस्थायी रूप से छुट्टी घोषित कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो हालात और भी गंभीर हो गए हैं, जहां कच्चे घरों को भारी नुकसान पहुंचा है।

नगर निकाय व्यवस्था पर उठे सवाल:
बारिश ने नगरपालिका परिषद की तैयारियों की पोल खोल दी है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के चलते पानी सड़कों पर जमा है। कई मोहल्लों में सीवर ओवरफ्लो कर रहे हैं जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन की अपील:
प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है। राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्याप्त संसाधनों की कमी के चलते सहायता समय पर नहीं पहुंच पा रही।

पड़रौना नगरपालिका की दुर्व्यवस्थाओं से जनता बेहाल, नाराजगी चरम पर।
पड़रौना नगरपालिका क्षेत्र में दिनों-दिन बढ़ती अव्यवस्थाएं आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन चुकी हैं। चाहे बात जलनिकासी की हो, कूड़ा प्रबंधन की या फिर टूटी-फूटी सड़कों की—हर मोर्चे पर नगर प्रशासन विफल नजर आ रहा है। जनता में भारी आक्रोश है, लेकिन नगर पालिका की नींद अब तक नहीं टूटी है।
✓ गलियों में भरा गंदा पानी, बीमारियों का बढ़ रहा खतरा!
नगर के प्रमुख मोहल्लों—गरुण नगर, धर्मशाला मोहल्ला, बस स्टेशन के पास, नौका टोला, हथियार मोहल्ला, जमालपुर, आवास विकास—लगातार बारिश के चलते जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। नालियों की सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल गया है। स्थानीय लोग त्वचा रोग, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के खतरे से डरे हुए हैं।
✓ टूटी सड़कें और स्ट्रीट लाइट्स गायब…!
पड़रौना नगर की मुख्य सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। बरसात में तो गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों के लिए दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। साथ ही कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं, जिससे रात में राहगीरों को डर के साये में चलना पड़ता है।
✓ जनता का फूटा गुस्सा…!
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने नगर पालिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि वे टैक्स तो समय पर देते हैं लेकिन सुविधाओं के नाम पर सिर्फ उपेक्षा मिलती है।
✓ प्रशासन की चुप्पी, जवाबदेही शून्य।
अब तक नगरपालिका की ओर से किसी ठोस कार्यवाही या बयान नहीं आया है। जनता जानना चाहती है कि आखिर उनके अधिकारों और टैक्स के पैसे का क्या हो रहा है?

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