संभल हिंसा के मास्टरमाइंड जफर अली का जेल से छूटने के बाद फूल मालाओं से स्वागत, शहर में निकला जुलूस।
ब्यूरो रिपोर्ट, आपकी आवाज़ न्यूज, उत्तर प्रदेश
🔴 “संभल हिंसा के मास्टरमाइंड जफर अली की रिहाई पर हुआ भव्य स्वागत”
🟡 “जफर अली की रिहाई पर समर्थकों ने लहराए फूलों की माला, नारेबाजी से गूंजा इलाका”
🔴 “जेल से छूटते ही गुनहगार का ‘हीरो जैसा स्वागत’, पुलिस खामोश!”
🟡 “दंगा आरोपी के सम्मान समारोह पर गरमाई सियासत, विपक्ष ने उठाए सवाल”
जफर अली ने जमानत मिलने के बाद लोगों से कहा कि अल्लाह के शुक्र से और आप लोगों की दुआओं से मैं जेल से छूटकर वापस आ गया हूं।
संभल, उत्तर प्रदेश | 2 अगस्त 2025:
संभल हिंसा कांड के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड माने जाने वाले जफर अली की जेल से रिहाई पर हुए भव्य स्वागत ने कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार देर शाम जैसे ही जफर अली जेल से बाहर निकला, समर्थकों की भारी भीड़ ने फूल-मालाएं पहनाकर उसका स्वागत किया, और नारेबाजी की गई।
✓ हिंसा का इतिहास…!
जफर अली पर संभल जिले में वर्ष 2023 में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में मास्टरमाइंड होने का आरोप है। हिंसा में कई घर और दुकानें जला दी गई थीं, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत उसकी गिरफ्तारी हुई थी और लगभग 18 महीने से वह जेल में बंद था।
✓ ‘हीरो’ की तरह हुआ स्वागत:
रिहाई के बाद न केवल फूल बरसाए गए, बल्कि समर्थकों ने ढोल-नगाड़े और आतिशबाजी के साथ उसे ‘हीरो’ की तरह विदा किया। कुछ स्थानीय नेताओं की मौजूदगी ने मामले को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया।
🗣️ सियासत गरमाई:
इस स्वागत समारोह का वीडियो वायरल होते ही राजनीतिक बवाल शुरू हो गया।
विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा,
“एक दंगा आरोपी का स्वागत प्रशासन की विफलता और राजनीतिक संरक्षण का सबूत है।”
वहीं, सत्ताधारी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह स्वागत “कुछ भावुक लोगों की निजी पहल” थी।
👮 प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में…
स्थानीय प्रशासन अभी तक पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे हुए है। न तो स्वागत करने वालों पर कोई कार्रवाई हुई है, और न ही कोई बयान जारी किया गया है।
🔴 जब भी कोई बड़ा काम करता है या फिर कोई बड़ा खिताब जीतता है तो उसका स्वागत फूल मालाओं से किया जाता है, लेकिन अब आरोपियों के जेल से छूटने के बाद भी ऐसा ही स्वागत हो रहा है! संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और जामा मस्जिद के सदर जफर अली के साथ भी ऐसा ही हुआ है, 131 दिनों के बाद मुरादाबाद जेल से रिहा होने पर जफर अली के समर्थकों ने नारे लगाने के साथ फूल मालाओं और आतिशबाजी के साथ उसका स्वागत किया।
✓ स्वागत के बाद निकाला जुलूस…!
संभल की शाही जामा मस्जिद इंतजामियां कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट के मुरादाबाद जेल से रिहा होते ही फूल मालाओं से उसका गला भर दिया गया, इसके बाद फिर उसे कंधे पर उठाकर कार तक ले गए. उसके बाद जफर अली खुली जीप में सवार होकर वहां से 10 गाड़ियों के काफिले के साथ मुरादाबाद संभल तक 42 किलोमीटर लंबा रोड शो करने निकला. इसके बाद जगह-जगह उसका स्वागत हुआ और पटाखे फोड़े गए. इस दौरान जफर भी खुली जीप से हाथ लहराते हुए नेताओं की तरह अभिनंदन स्वीकार करता हुए दिखा।