यूपी/झांसी में महिला कांस्टेबल ने ASI सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर गैंगरेप और वीडियो वायरल करने का लगाया आरोप, जांच में जुटी पुलिस।
ब्यूरो रिपोर्ट, आपकी आवाज़ न्यूज, उत्तर प्रदेश
✓ यूपी में महिला सिपाहियों की अस्मत खतरे में, झांसी में महिला कांस्टेबल संग सामूहिक दुष्कर्म कर वीडियो वॉयरल करने की दी गई धमकी।
✓ जब अपने ही महकमे में महिलाएं न हों सुरक्षित तो, यूपी पुलिस दूसरे को कैसे देगी सुरक्षा!
✓ पहले ए.एस.आई ने की रेप फिर सहकर्मियों द्वारा रेप कर बनाया गया वीडियो, और अंत में वीडियो वायरल करने की दी गई धमकी।
उत्तर प्रदेश :- यूपी के झांसी जिले से पुलिस महकमे की गरिमा को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला कांस्टेबल ने अपने ही विभाग के अधिकारियों पर सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
✓ जानें क्या है पूरा मामला?
झांसी की रहने वाली महिला कांस्टेबल ने आरोप लगाया है कि एएसआई (ASI) समेत तीन पुलिसकर्मियों ने उसे ड्यूटी के नाम पर एकांत जगह बुलाया और वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, जिससे महिला मानसिक रूप से टूट गई है।
✓ घटना को लेकर पुलिस महकमे में मचा हड़कंप!
महिला कांस्टेबल की शिकायत के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामला सामने आने के बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी दर्ज किया गया है। पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।
✓ एसपी झांसी का आया बयान!
एसएसपी झांसी ने बताया कि, “पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। यदि कोई भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग में किसी भी तरह की लापरवाही या अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
✓ राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं!
मामले पर महिला आयोग ने संज्ञान लिया है और जल्द ही झांसी दौरा करने की बात कही है। वहीं, विपक्षी दलों ने योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि प्रदेश में महिलाएं अब खुद पुलिस विभाग में भी सुरक्षित नहीं हैं। सोशल मीडिया पर घटना को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
जांच जारी है और पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। अब देखना यह होगा कि पुलिस विभाग अपने ही अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई कर पाता है या नहीं।