उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में घर में घुसकर मां-बेटी की धारदार हथियार से हुई हत्या।

ब्यूरो रिपोर्ट, आपकी आवाज़ न्यूज, उत्तर प्रदेश
✓ पुलिस के अनुसार पूनम की बड़ी बेटी खुशबू उम्र 18 वर्ष जो कि अलग कमरे में सो रही थी इसलिये वह बच गयी।
✓ पूनम ने ही पुलिस को सूचित किया कि उसने हमलावरों की आवाज पहचान ली है, जिसमें से एक की पहचान स्थानीय युवक संजय, उसके पिता और अन्य लोगों के रूप में हुई है।
लखनऊ :- गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा क्षेत्र में हमलावरों ने एक घर में घुसकर एक महिला और उसकी 10 वर्षीय बेटी की कथित तौर पर धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी! पुलिस ने बताया कि शनिवार देर रात शिवपुर चकदहा गांव में यह घटना हुई और मृतकों की पहचान पूनम निषाद (40) और उसकी छोटी बेटी अनुष्का (10) के रूप में हुई है, पुलिस के अनुसार पूनम की बड़ी बेटी खुशबू (18) अलग कमरे में सो रही थी इसलिये वह बच गयी। बाद में उसी ने ही पुलिस को सूचित किया कि उसने हमलावरों की आवाज पहचान ली है जिसमें से एक की पहचान स्थानीय युवक संजय, उसके पिता और अन्य लोगों के रूप में हुई है, उसने बताया कि संजय के पिता ने कथित तौर पर हमलावरों से खुशबू को भी मारने को कहा था! लेकिन उसकी सूचना पर पुलिस तब तक मौके पर पहुंच गयी जिससे हमलावर वहां से भागने में कामयाब हो गये।
पुलिस ने बताया कि हमलावरों के जाने के बाद खुशबू बाहर निकली और उसने अपनी मां और बहन को खून से लथपथ पाया, पूनम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनुष्का ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने महत्वपूर्ण सुबूत जुटाए हैं और कई संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है! हम घटना की कड़ियों को जोड़ने के लिए कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं। मामले की जांच जारी है.”
उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, इस बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरने की कोशिश की।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के मुख्य विधानसभा क्षेत्र गोरखपुर में मां-बेटी की हत्या ने साबित कर दिया है कि भाजपा के राज में अपराधी कैसे बेखौफ होकर एक के बाद एक और एक से बढ़कर एक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं! गोरखपुर का कहीं कोई पुरसाहाल है क्या?”